Rajysabha Election : महागठबंधन प्रत्याशी को वोट न देने पर कांग्रेस विधायक मनोहर प्रसाद की दोटूक, कहा- 'सिद्धांतों से नहीं करेंगे समझौता'

Rajysabha Election : कांग्रेस विधायक मनोहर प्रसाद ने साफ़ साफ़ बताया की उन्होंने किस वजह से महागठबंधन के राज्यसभा प्रत्याशी को वोट नहीं दिया......पढ़िए आगे

Rajysabha Election : महागठबंधन प्रत्याशी को वोट न देने पर का
एडी से आपत्ति क्यों...- फोटो : SOCIAL MEDIA

PATNA : राज्यसभा चुनाव में महागठबंधन के प्रत्याशी के पक्ष में मतदान न करने को लेकर मनिहारी से कांग्रेस विधायक मनोहर प्रसाद ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। वोटिंग प्रक्रिया में भाग न लेने के अपने फैसले पर सफाई देते हुए विधायक ने स्पष्ट किया कि उनका यह कदम किसी दबाव या लालच में नहीं, बल्कि वैचारिक मतभेदों के कारण उठाया गया था।

प्रत्याशी चयन पर सवाल: 'सिद्धांतों के अनुरूप नहीं था उम्मीदवार'

विधायक मनोहर प्रसाद ने गंभीर रुख अपनाते हुए कहा कि राज्यसभा के लिए मैदान में उतारा गया उम्मीदवार उनके और उनकी पार्टी के सिद्धांतों के मेल नहीं खाता था। उन्होंने तर्क दिया कि वह ऐसे किसी व्यक्ति का समर्थन नहीं कर सकते जो उनके राजनीतिक मूल्यों की कसौटी पर खरा न उतरता हो। मनोहर प्रसाद के इस बयान ने गठबंधन के भीतर आंतरिक कलह और असंतोष को सतह पर ला दिया है।

राजद का उम्मीदवार, महागठबंधन का नहीं!

कांग्रेस विधायक ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि जिसे महागठबंधन का उम्मीदवार बताया जा रहा था, वह असल में केवल राष्ट्रीय जनता दल (RJD) का उम्मीदवार था। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि महागठबंधन के नेतृत्व की तरफ से उन्हें कभी आधिकारिक तौर पर इस विशेष उम्मीदवार के पक्ष में मतदान करने के लिए कहा ही नहीं गया। ऐसे में इसे पूरे गठबंधन की सर्वसम्मत पसंद मानना गलत है।

कार्यकर्ताओं की अनदेखी का आरोप: 'निचले तबके को नहीं मिला मौका'

मनोहर प्रसाद ने प्रत्याशी की पृष्ठभूमि पर सवाल उठाते हुए कहा कि महागठबंधन को किसी साधारण कार्यकर्ता या समाज के निचले तबके से आने वाले व्यक्ति को मौका देना चाहिए था। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि कार्यकर्ताओं की अनदेखी कर रसूखदारों को प्राथमिकता देना लोकतंत्र और गठबंधन की मूल भावना के खिलाफ है। इसी कारण उन्होंने मतदान प्रक्रिया से दूरी बनाए रखना उचित समझा।

लालच और दबाव की खबरों को नकारा

जब उनसे विपक्षी खेमे के किसी प्रलोभन या दबाव के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने इन अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया। विधायक ने कहा, "मुझ पर न कोई दबाव है और न ही किसी तरह का लालच। जिसे जो कहना है कहता रहे, मैं अपने सिद्धांतों पर अडिग हूँ।" उन्होंने साफ किया कि उनका फैसला पूरी तरह स्वतंत्र था और वह भविष्य में भी अपने स्टैंड पर कायम रहेंगे।