Bihar Politics: सीएम नीतीश ने जदयू के दो बड़े नेताओं को पार्टी से 3 साल के लिए किया निष्कासित, जानिए क्यों हुई कार्रवाई

Bihar Politics: बिहार की सत्ताधारी पार्टी जनता दल (यूनाइटेड) ने संगठन के भीतर अनुशासन को लेकर कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्तता को देखते हुए JDU प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने एक बड़ा फैसला लेते हुए दो सदस्यों को

सीएम नीतीश
दो नेता 3 साल के लिए निष्कासित - फोटो : News4nation

Bihar Politics: बिहार में राज्यसभा चुनाव के बाद अब नई सरकार को लेकर सियासी सरगर्मी तेज है। इसी बीच सीएम नीतीश की पार्टी जदयू में बड़ी कार्रवाई की गई है। सीएम नीतीश ने अपने पार्टी के 2 नेताओं को 3 साल के लिए पार्टी से बाहर कर दिया है। इस घटना के बाद सियासी सरगर्मी  तेज हो गई है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने इसको लेकर चिठ्ठी जारी किया है। दोनों नेताओं को पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के कारण बाहर का रास्ता दिखाया गया है।

दो नेताओं को पार्टी से किया गया निष्कासित 

मिली जानकारी अनुसार जदयू ने पार्टी विरोधी गतिविधि में लगातार संलिप्तता को देखते हुए अभय पटेल और एस० के० सुमन के प्राथमिक सदस्यता को तत्काल प्रभाव से रद्द करते हुए अगले तीन वर्षों के लिए दल से निष्कासित किया जाता है। जदयू की ओर से साफ कहा गया है कि, निष्कासित अवधि में इन दोनों लोगों का कार्यालय परिसर में प्रवेश निषेध रहेगा।

जदयू से क्यों निकाले गए नेता 

दरअसल, प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने अनुशासनहीनता के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। जारी किए गए आधिकारिक पत्र (पत्रांक 58/26) के अनुसार, पार्टी विरोधी गतिविधियों में लगातार संलिप्त रहने के कारण  अभय पटेल (रूपसपुर, पटना) और एस.के. सुमन (राम कृष्णा नगर, पटना) की प्राथमिक सदस्यता तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी गई है।

कार्यालय में आने से लगी रोक 

आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि इन दोनों को अगले तीन वर्षों के लिए दल से निष्कासित किया जाता है। निष्कासन की इस अवधि के दौरान, इन दोनों ही व्यक्तियों का पार्टी कार्यालय परिसर में प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित (निषेध) रहेगा। यह कार्रवाई संदेश देती है कि पार्टी के भीतर किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता या भितरघात के लिए कोई जगह नहीं है।