Bihar News : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने की शिक्षा विभाग के कार्यों की समीक्षा, 'एक अधिकारी-एक मॉडल स्कूल' व्यवस्था लागू करने सहित दिए कई निर्देश

Bihar News : पटना में शिक्षा विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें राज्य के सरकारी विद्यालयों में विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

Bihar News : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने की शिक्षा विभाग के
शिक्षा विभाग की समीक्षा - फोटो : SOCIAL MEDIA

PATNA : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज लोक सेवक आवास स्थित 'संकल्प' सभागार में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक कर राज्य में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को और सुदृढ़ करने तथा सरकारी विद्यालयों में विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। बिहार के सरकारी विद्यालयों में आधुनिक सुविधाओं, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण और बेहतर शैक्षणिक परिणामों के माध्यम से विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव तैयार करने का मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष जोर दिया जाय। बैठक में शिक्षा विभाग के सचिव राजीव रौशन ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से राज्य में संचालित मॉडल स्कूलों (सरस्वती विद्या निकेतन) किये गये शैक्षणिक व्यवस्था, सुविधाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष डॉ० त्यागराजन एस०एम० ने ई-लर्निंग एवं 24X7 इंटरैक्टिव डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में संचालित मॉडल स्कूलों (सरस्वती विद्या निकेतन) का बेहतर एवं प्रभावी संचालन हो, यहां की व्यवस्था विशिष्ट हो और यह अपने आप में अलग दिखे। मॉडल स्कूलों में शैक्षणिक व्यवस्था, शिक्षकों की उपलब्धता, विद्यार्थियों की उपस्थिति तथा पठन-पाठन की गुणवत्ता की नियमित समीक्षा एवं निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए। अधिकारियों को विद्यालयों से सीधे जोड़ते हुए 'एक अधिकारी-एक मॉडल स्कूल' की व्यवस्था को प्रभावी रूप से लागू करें, ताकि विद्यालयों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान हो सके। विद्यालयों का औचक निरीक्षण सुनिश्चित करें। विद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों एवं प्रति दिन के कार्यों की रिपोर्टिंग मुख्यालय एवं जिला स्तर पर सुनिश्चित की जाय।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यालयों की गुणवत्ता केवल आधारभूत संरचना से नहीं, बल्कि बेहतर शिक्षण व्यवस्था और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास से तय होती है। उन्होंने मॉडल स्कूलों में प्रत्येक तीन माह पर अभिभावक-शिक्षक बैठक आयोजित करने का निर्देश दिया, ताकि विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति और उनकी आवश्यकताओं पर अभिभावकों एवं शिक्षकों के बीच नियमित संवाद हो सके। उन्होंने मॉडल स्कूलों के पूर्व विद्यार्थियों के साथ संवाद बढ़ाने पर भी जोर दिया। पूर्व विद्यार्थियों की उपलब्धियों और अनुभवों का लाभ वर्तमान विद्यार्थियों को मिल सके, इसके लिए उनके साथ नियमित बैठक एवं मार्गदर्शन की व्यवस्था विकसित करने का निर्देश दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को JEE एवं NEET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर मार्गदर्शन और आवश्यक शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने कहा कि सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को भी देश की प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए गुणवत्तापूर्ण तैयारी का अवसर मिलना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के ई-लर्निंग एवं 24X7 इंटरैक्टिव डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म को प्रभावी बनायें। डिजिटल माध्यमों का अधिकतम उपयोग करते हुए विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री, विषय विशेषज्ञों का मार्गदर्शन तथा आधुनिक शिक्षण संसाधन उपलब्ध करायें। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग द्वारा किए जा रहे सभी प्रयासों का वास्तविक लाभ विद्यार्थियों तक पहुंचे। संसाधनों की किसी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिये। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर शैक्षणिक वातावरण और आधुनिक तकनीक के समुचित उपयोग के माध्यम से बिहार के विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, शिक्षा विभाग के सचिव राजीव रौशन, बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष डॉ० त्यागराजन एस०एम० सहित अन्य वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।