Patna Petrol price:टंकी भरवाने कराने से पहले चेक करें पेट्रोल-डिजल का भाव, पटना में क्या है आज का रेट?जानिए
Patna Petrol price: 24 जनवरी 2026 को पटना में पेट्रोल और डीजल की कीमतें पूरी तरह स्थिर बनी हुई हैं। बिजनेस की भाषा में कहें तो फ्यूल मार्केट इस वक्त “वेट एंड वॉच” मोड में है।
Patna Petrol price: 24 जनवरी 2026 को पटना में पेट्रोल और डीजल की कीमतें पूरी तरह स्थिर बनी हुई हैं। बिजनेस की भाषा में कहें तो फ्यूल मार्केट इस वक्त “वेट एंड वॉच” मोड में है। बीते कुछ दिनों से किसी बड़े उतार-चढ़ाव के बिना दरें टिके रहने से ट्रांसपोर्ट, लॉजिस्टिक्स और आम उपभोक्ता तीनों सेक्टर को सीमित ही सही, मगर राहत जरूर मिली है।
आज पटना में पेट्रोल की कीमत लगभग ₹105.18 से ₹105.22 प्रति लीटर के दायरे में बनी हुई है, जबकि डीजल ₹92.09 से ₹92.37 प्रति लीटर के आसपास कारोबार कर रहा है। शहर के अलग-अलग इलाकों में मामूली फर्क जरूर दिख रहा है, लेकिन कुल मिलाकर बाजार में स्थिरता का माहौल है। यह वही स्थिरता है, जिसकी तलाश महंगाई से जूझ रहे कंज्यूमर और छोटे कारोबारियों को लंबे समय से थी।
पिछले महीने के ट्रेंड पर नजर डालें तो पेट्रोल की कीमतों में करीब 0.55 फीसदी की हल्की गिरावट दर्ज की गई है। दरें जहां पहले ₹105.73 तक जाती दिख रही थीं, वहीं अब ₹105.18 के आसपास टिक गई हैं। यह गिरावट भले ही बड़ी न लगे, लेकिन रोजमर्रा के खर्च और ट्रांसपोर्ट कॉस्ट में इसका मनोवैज्ञानिक असर जरूर पड़ता है। डीजल के मोर्चे पर भी हालात काबू में हैं, जिससे माल ढुलाई और पब्लिक ट्रांसपोर्ट सेक्टर को लागत नियंत्रण में मदद मिल रही है।
ऑयल मार्केट एक्सपर्ट्स मानते हैं कि फिलहाल इंटरनेशनल क्रूड प्राइस और टैक्स स्ट्रक्चर में कोई बड़ा झटका नहीं आने से घरेलू बाजार में यह ठहराव बना हुआ है। केंद्र और राज्य सरकार के टैक्स इसमें पहले से शामिल हैं, इसलिए उपभोक्ता को अलग से किसी बदलाव का सामना नहीं करना पड़ रहा। हालांकि अलग-अलग ऑयल मार्केटिंग कंपनियों—जैसे IOCL, HPCL—के आउटलेट्स पर कीमतों में कुछ पैसे का अंतर दिख सकता है।
महत्वपूर्ण बात यह है कि पेट्रोल-डीजल की दरें रोजाना सुबह 6 बजे अपडेट होती हैं, यानी बाजार हर दिन नई सिग्नलिंग देता है। फिलहाल संकेत यही हैं कि ईंधन की कीमतों में न तेजी है, न मंदी सिर्फ स्थिरता है। बिजनेस और आम जनता दोनों के लिए यह सुकून की खबर है, खासकर ऐसे समय में जब हर सेक्टर लागत और मुनाफे के बीच नाजुक संतुलन साधने में लगा हुआ है।