फर्जीवाड़ा कर BPSC के इंटरव्यू तक पहुंच गई महिला अभ्यर्थी, गड़बड़ी सामने आने के बाद आयोग ने बदल दी पूरी व्यवस्था

बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 70वीं संयुक्त परीक्षा के इंटरव्यू के दौरान एक बड़ी धोखाधड़ी का खुलासा हुआ है। एक महिला अभ्यर्थी ने दूसरे के रोल नंबर का इस्तेमाल करने के लिए अपने एडमिट कार्ड में छेड़छाड़ की

फर्जीवाड़ा  कर BPSC के इंटरव्यू  तक पहुंच  गई महिला अभ्यर्थी

Patna  - बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की एकीकृत 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के दौरान धोखाधड़ी का एक गंभीर मामला सामने आया है। आयोग द्वारा आयोजित साक्षात्कार (Interview) के लिए चल रही दस्तावेज सत्यापन (Document Verification) प्रक्रिया के दौरान एक महिला अभ्यर्थी को जालसाजी करते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। इस घटना के बाद आयोग ने सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित अभ्यर्थी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

आयोग द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, उक्त महिला अभ्यर्थी ने अपने मूल रोल नंबर और एडमिट कार्ड में डिजिटल तरीके से एडिटिंग यानी छेड़छाड़ (Tampering) की थी। उसने किसी अन्य चयनित महिला अभ्यर्थी के रोल नंबर का दुरुपयोग किया और खुद को साक्षात्कार के लिए पात्र बताते हुए दस्तावेज सत्यापन प्रक्रिया में शामिल होने का प्रयास किया। आयोग की सतर्कता टीम ने दस्तावेजों की सूक्ष्म जांच के दौरान इस विसंगति को पकड़ लिया।

जांच के दौरान यह प्रमाणित हुआ कि एडमिट कार्ड और परीक्षा से संबंधित विवरणों में जानबूझकर बदलाव किए गए थे। धोखाधड़ी की पुष्टि होते ही आयोग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित अभ्यर्थी को तुरंत चिन्हित किया और उसे दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया। फिलहाल, आयोग के नियमों के अनुसार अभ्यर्थी के विरुद्ध आवश्यक कानूनी और विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।

इस घटना के मद्देनजर, बिहार लोक सेवा आयोग ने सभी अभ्यर्थियों के लिए एक गंभीर चेतावनी जारी की है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा, दस्तावेज सत्यापन या साक्षात्कार के दौरान किसी भी प्रकार की जालसाजी, दस्तावेजों में हेरफेर या प्रतिरूपण (Impersonation) को अत्यंत गंभीर अपराध की श्रेणी में रखा जाएगा। आयोग ने कहा कि उनकी जांच प्रणाली काफी मजबूत है और ऐसे किसी भी प्रयास को निश्चित रूप से पकड़ लिया जाएगा।

अंत में, आयोग ने सख्त लहजे में कहा है कि यदि भविष्य में कोई भी अभ्यर्थी इस तरह की धोखाधड़ी या छल-कपट में संलिप्त पाया जाता है, तो उसकी अभ्यर्थिता (Candidature) तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दी जाएगी। साथ ही, ऐसे व्यक्तियों को भविष्य की परीक्षाओं से प्रतिबंधित करने और उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात भी कही गई है ताकि परीक्षा की शुचिता और पारदर्शिता बनी रहे।