भगवान भरोसे बिहार राज्य भंडारण निगम : न MD की तैनाती, न मिला वेतन; अरबों के अनाज पर मंडराया संकट
बिहार राज्य भंडारण निगम में गहराया बड़ा संकट,पिछले दो महीनों से MD का पद खाली होने के कारण प्रशासनिक कामकाज ठप पड़ा है। 300 से अधिक कर्मचारियों का वेतन रुका हुआ है और गोदामों का बीमा खत्म होने से अरबों के PDS खाद्यान्न पर खतरा मंडरा रहा है।
बिहार राज्य भंडारण निगम (BSWC) में पिछले दो महीनों से प्रबंध निदेशक (MD) का पद खाली रहने के कारण प्रशासनिक और वित्तीय व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। मिल रही जानकारी के अनुसार, निगम के कर्मचारियों का सब्र अब टूट चुका है और वे अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। MD की अनुपस्थिति के कारण निगम के पास बजट और फंड उपलब्ध होने के बावजूद किसी भी प्रकार की वित्तीय निकासी या निर्णय संभव नहीं हो पा रहा है।
दो महीनों से अटका वेतन, कर्मचारियों के घर में छाने लगा आर्थिक संकट
निगम के करीब 300 से अधिक कर्मियों को पिछले दो महीनों से वेतन नहीं मिला है। त्यौहारों के मौसम में वेतन न मिलने से कर्मचारियों और उनके परिवारों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। महिला कर्मचारियों का कहना है कि घर-परिवार चलाने और बच्चों की जरूरतों को पूरा करने के लिए उन्हें अब कर्ज का सहारा लेना पड़ रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि अगर जल्द ही एमडी की नियुक्ति नहीं हुई, तो उनकी स्थिति और बदतर हो जाएगी।
गोदामों का बीमा खत्म, बाढ़ के पानी से अरबों के खाद्यान्न सड़ने की आशंका
कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि वेतन से भी बड़ा और गंभीर मुद्दा सरकारी खाद्यान्न (PDS) की सुरक्षा का है। गोदामों का वार्षिक बीमा 28 अगस्त को खत्म हो चुका है। वर्तमान में जारी भारी बारिश और बाढ़ के मौसम में यदि गोदामों में पानी घुसता है, तो अरबों रुपये का अनाज बर्बाद हो जाएगा। बीमा न होने के कारण इस नुकसान की भरपाई संभव नहीं होगी, जिससे सीधे तौर पर राष्ट्र और राज्य को भारी वित्तीय क्षति होगी।
कीटनाशकों की कमी और ठप पड़ा प्रशासनिक कामकाज
प्रबंध निदेशक के पास ही वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार केंद्रित होने की वजह से निगम का सारा दैनिक कामकाज ठप पड़ा है।अनाज के उचित रखरखाव और बचाव के लिए आवश्यक कीटनाशक दवाओं की खरीद भी रोक दी गई है, क्योंकि बिलों के भुगतान का अधिकार केवल MD के पास होता है। लाभ में चलने वाले एकमात्र निगम की इस दुर्दशा के लिए कर्मचारी पूरी तरह से शासन और प्रशासन की लापरवाही को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।
जल्द MD की नियुक्ति और वेतन जारी करने की सरकार से मांग
विरोध जता रहे कर्मचारियों ने बिहार सरकार से अविलंब एक स्थाई प्रबंध निदेशक नियुक्त करने की पुरजोर मांग की है। उनका कहना है कि MD की तैनाती होते ही रुका हुआ वेतन जारी हो जाएगा, वित्तीय लेन-देन शुरू हो सकेंगे और गोदामों के रिन्यूअल एवं कीटनाशकों की व्यवस्था की जा सकेगी। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार जल्द कदम नहीं उठाती है, तो वे अपनी मांगों के समर्थन में आंदोलन को और तेज करेंगे।
पटना से पुष्कर प्रवीण की रिपोर्ट