परिवहन मंत्री का दालकोला चेकपोस्ट पर औचक धावा: राजस्व वसूली में सुस्ती पर जताई नाराजगी, किशनगंज सीमा पर बनेगा नया चेकपोस्ट

बिहार के परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने बुधवार को पूर्णिया के दालकोला चेकपोस्ट का निरीक्षण किया। राजस्व लक्ष्य से पीछे चल रहे अधिकारियों को फटकार लगाते हुए मंत्री ने किशनगंज-अररिया सीमा पर नए चेकपोस्ट के निर्माण का आदेश दिया है।

परिवहन मंत्री का दालकोला चेकपोस्ट पर औचक धावा: राजस्व वसूली

Patna - परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने दालकोला चेकपोस्ट के निरीक्षण के दौरान राजस्व संग्रहण की स्थिति पर गहरा असंतोष व्यक्त किया। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए निर्धारित 51 करोड़ 54 लाख रुपये के लक्ष्य के मुकाबले अब तक हुई कम वसूली पर उन्होंने अधिकारियों को कड़ी हिदायत दी। आंकड़ों के अनुसार, एसडीटीओ गौतम कुमार ने 4.85 करोड़ और ईआई कुंदन कुमार ने 2.66 करोड़ रुपये की वसूली की है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि वित्तीय लक्ष्य को शत-प्रतिशत हासिल करना अनिवार्य है और इसमें किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

गलगलिया में स्थापित होगा नया चेकपोस्ट

निरीक्षण के दौरान यह बात सामने आई कि किशनगंज-अररिया सीमा पर नई सड़क बनने के कारण वाहनों का मार्ग बदल गया है, जिससे दालकोला में वाहनों की संख्या कम हुई है। इस पर त्वरित संज्ञान लेते हुए मंत्री ने गलगलिया (किशनगंज-अररिया सीमा) में एक नया चेकपोस्ट स्थापित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल से बिहार में प्रवेश करने वाले वाहनों की निगरानी और परिवहन नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए यह चेकपोस्ट अत्यंत आवश्यक है, ताकि राजस्व की हानि को रोका जा सके।

चेकपोस्ट की बदहाली पर बरसे मंत्री

मंत्री श्री कुमार ने चेकपोस्ट परिसर में पसरी गंदगी और अव्यवस्था को देखकर अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने तुरंत साफ-सफाई सुनिश्चित करने, चालान काउंटर का रंग-रोगन कराने और जर्जर सड़क की मरम्मत के आदेश दिए। इसके साथ ही उन्होंने पूरे परिसर में पर्याप्त रोशनी (Lighting) की व्यवस्था करने को कहा ताकि रात के समय भी वाहनों की चेकिंग और राजस्व वसूली का कार्य बिना किसी बाधा के सुचारू रूप से चल सके।

दालकोला चेकपोस्ट की सामरिक महत्ता

परिवहन मंत्री ने इस चेकपोस्ट की महत्ता को रेखांकित करते हुए बताया कि यह उत्तर-पूर्व बिहार का प्रवेश द्वार है। यहाँ से सिलीगुड़ी, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों के लिए भारी मात्रा में वाहनों का आवागमन होता है। उन्होंने कहा कि व्यवस्थाओं को चुस्त-दुरुस्त रखना न केवल राजस्व के लिए बल्कि यातायात के बेहतर प्रबंधन के लिए भी जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को 'एक्शन मोड' में रहकर कार्य करने की चेतावनी दी।