Bihar IAS Transfer: बिहार में 14 IAS का ट्रांसफर, जानें क‍िसे कहां म‍िली नई ज‍िम्‍मेदारी

Bihar IAS Transfer:बिहार की नौकरशाही में बड़ा उलटफेर हुआ है, सत्ता ने 14 IAS अफसरों को नई जिम्मेदारियां सौंपी है...

 बिहार में  14 IAS का ट्रांसफर
बिहार में 14 IAS का ट्रांसफर- फोटो : social Media

Bihar IAS Transfer: बिहार की सियासत और प्रशासनिक गलियारों में एक बार फिर बड़े फेरबदल की दस्तक सुनाई दी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अगुवाई वाली सरकार ने प्रशासनिक मशीनरी को नई धार देने के मकसद से 14 आईएएस अधिकारियों के तबादले और नई पदस्थापना का ऐलान किया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के बाद नौकरशाही के कई अहम मोहरे नई जिम्मेदारियों के साथ मैदान में उतर गए हैं।

इस प्रशासनिक कवायद को आगामी चुनौतियों और विकास योजनाओं के मद्देनजर बेहद अहम माना जा रहा है। सरकार ने पांच पूर्व जिलाधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपकर संकेत दिया है कि अनुभवी अफसरों पर भरोसा कायम है। वहीं चार वरिष्ठ अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार देकर प्रशासनिक तंत्र में समन्वय और गति लाने की कोशिश की गई है।

नगर विकास एवं आवास विभाग से लेकर ऊर्जा, पथ निर्माण, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और कौशल विकास जैसे महत्वपूर्ण विभागों में बड़े बदलाव किए गए हैं। बिहार शहरी आधारभूत संरचना विकास निगम (बुडको) के प्रबंध निदेशक अनिमेष कुमार पराशर को नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। वहीं निलेश रामचंद्र देवरे को भी इसी विभाग में अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है।

भागलपुर के पूर्व डीएम नवल किशोर चौधरी को बिहार राज्य संचरण कंपनी लिमिटेड का प्रबंध निदेशक बनाया गया है, जबकि बांका के पूर्व डीएम नवदीप शुक्ला को युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग में विशेष सचिव की जिम्मेदारी मिली है। किशनगंज के पूर्व डीएम विशाल राज को बिहार राज्य पावर जनरेशन कंपनी की कमान सौंपी गई है।

शिक्षा और स्वास्थ्य महकमे में भी अहम बदलाव हुए हैं। कुमार निशांत विवेक को प्राथमिक शिक्षा निदेशक और स्पर्श गुप्ता को राज्य स्वास्थ्य समिति में अपर कार्यपालक निदेशक बनाया गया है। वहीं औरंगाबाद की उप विकास आयुक्त अनन्या सिंह को जीविका तथा मनरेगा जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों की जिम्मेदारी दी गई है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह महज तबादला नहीं, बल्कि प्रशासनिक ढांचे को नए सिरे से दुरुस्त करने की कवायद है। सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया है कि विकास, जवाबदेही और परिणाम आधारित प्रशासन उसकी प्राथमिकता में सबसे ऊपर है।


रिपोर्ट- रंजीत कुमार