Bihar Politics : समृद्धि यात्रा से मजबूत हुआ बिहार का विकास मॉडल, जदयू नेता डॉ. मधुरेंदु पांडेय ने की सीएम नीतीश के कार्यशैली की सराहना

Bihar Politics : समृद्धि यात्रा से मजबूत हुआ बिहार का विकास

PATNA : जद (यू) मीडिया पैनलिस्ट डॉ. मधुरेंदु पांडेय ने सोशल संवाद करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार  की समृद्धि यात्रा केवल एक प्रशासनिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि बिहार के सर्वांगीण, संतुलित और जवाबदेह विकास मॉडल की सशक्त अभिव्यक्ति है। बेगूसराय और शेखपुरा जिलों में समृद्धि यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि बिहार में विकास अब केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि योजनाओं की सतत समीक्षा, समयबद्ध क्रियान्वयन और जनता तक सीधे लाभ की सुनिश्चित डिलीवरी ही इस सरकार की कार्यशैली की पहचान है। 

बेगूसराय, जिसे बिहार की औद्योगिक राजधानी, कृषि क्षमता के मजबूत केंद्र और नई पीढ़ी के अवसरों की उभरती भूमि के रूप में देखा जाता है, उसे समृद्धि यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ₹274 करोड़ की बड़ी सौगात दी है। इस दौरान कुल 400 विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया, जिनमें ₹165 करोड़ की लागत से 211 योजनाओं का उद्घाटन तथा ₹109 करोड़ की लागत से 189 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है। यह तथ्य अपने आप में इस बात का प्रमाण है कि मुख्यमंत्री की सरकार केवल भविष्य की घोषणाएं नहीं करती, बल्कि वर्तमान में काम पूरा करके जनता को उसका प्रत्यक्ष लाभ भी देती है। 

बेगूसराय में महिला सशक्तीकरण और सामाजिक-आर्थिक बदलाव का सबसे मजबूत आधार जीविका मॉडल भी समृद्धि यात्रा का केंद्र रहा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विभिन्न विभागों के स्टॉलों का अवलोकन किया और लाभुकों को सीधे लाभ प्रदान कर यह दिखाया कि सरकार की योजनाएं कागज पर नहीं, जमीन पर उतर रही हैं। 9715 जीविका स्वयं सहायता समूहों को ₹578.09 करोड़ की बैंक ऋण सहायता का सांकेतिक चेक प्रदान किया जाना इस बात का ऐतिहासिक उदाहरण है कि बिहार की महिलाएं अब केवल बचत समूहों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत वित्तीय धुरी बन चुकी हैं। 

इसी प्रकार आकार में अपेक्षाकृत छोटा होने के बावजूद शेखपुरा जिले के लिए भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा ने विकास का अत्यंत मजबूत संदेश दिया है। शेखपुरा जिले को ₹206 करोड़ की सौगात मिली है तथा कुल 316 विकास योजनाओं का उद्घाटन, शिलान्यास और कार्यारंभ हुआ है। इनमें ₹62 करोड़ की लागत से 196 योजनाओं का उद्घाटन तथा ₹144 करोड़ की लागत से 120 योजनाओं का शिलान्यास और कार्यारंभ शामिल है। यह दर्शाता है कि सरकार छोटे जिलों के साथ भी समान गंभीरता और दीर्घदृष्टि के साथ काम कर रही है।

शेखपुरा में भी जीविका दीदियों को मिला आर्थिक संबल मुख्यमंत्री के सामाजिक न्याय और महिला सशक्तीकरण के एजेंडे की जीवंत मिसाल है। 3601 स्वयं सहायता समूहों को ₹15.18 करोड़ तथा 1425 स्वयं सहायता समूहों को ₹34.87 करोड़ की आर्थिक सहायता देकर कुल 5026 जीविका समूहों को ₹50.05 करोड़ से अधिक का वित्तीय संबल उपलब्ध कराया गया। यह केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि बिहार की महिलाओं को आत्मनिर्भरता, उद्यमिता और सामाजिक नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ाने का सशक्त कदम है। आज जीविका मॉडल बिहार में सामाजिक परिवर्तन, वित्तीय समावेशन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की नई पहचान बन चुका है, और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इसे राज्य की सबसे बड़ी सामाजिक-आर्थिक क्रांति में बदल दिया है।