बिहार पुलिस में बड़े पैमाने पर होंगे तबादले: सिपाही से इंस्पेक्टर तक के होंगे ट्रांसफर,मुख्यालय ने जारी की गाइडलाइन
बिहार पुलिस में बड़े पैमाने पर स्थानांतरण की तैयारी! सिपाही से लेकर इंस्पेक्टर स्तर के कर्मियों के अंतर जिला व अंतर क्षेत्र ट्रांसफर को लेकर पुलिस मुख्यालय ने विस्तृत गाइडलाइन जारी कर दी है। 31 अगस्त 2026 तक की अवधि को कट-ऑफ माना जाएगा।
बिहार पुलिस मुख्यालय (कार्मिक एवं कल्याण प्रभाग) ने राज्य में कार्यरत निरीक्षक (Inspector) से लेकर सिपाही (Constable) स्तर तक के पुलिस कर्मियों के बड़े पैमाने पर स्थानांतरण को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए हैं। पुलिस उप-महानिरीक्षक (कार्मिक) द्वारा जारी इस आधिकारिक पत्र दिनांक 21.08.2026 के माध्यम से राज्य के सभी पुलिस महानिदेशक, अपर पुलिस महानिदेशक, आईजी, डीआईजी और संबंधित आयोगों व प्रशिक्षण संस्थानों को अंतरावधि पूर्णता के आधार पर अंतर क्षेत्र तथा जिलों एवं इकाइयों में स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया गया है।
कार्याकाल और स्थानांतरण के नियम
बिहार पुलिस (संशोधन) अधिनियम, 2022 के प्रावधानों के अनुसार निरीक्षक से सिपाही स्तर के पुलिस कर्मियों का एक जिला में अधिकतम कार्यकाल 05 वर्ष, एक क्षेत्र (Range) में 08 वर्ष और विभिन्न इकाइयों में समेकित रूप से 08 वर्ष की अवधि निर्धारित की गई है। इस समयावधि को पूरा कर चुके कर्मियों के अंतर जिला व अंतर क्षेत्र स्थानांतरण का निर्णय पुलिस महानिदेशक द्वारा गठित स्थानांतरण समिति द्वारा क्षेत्रीय चयन पर्षद एवं संबंधित कार्यालयों की अनुशंसा के आधार पर लिया जाएगा।
क्षेत्रावधि गणना और अर्हता के तय पैरामीटर
मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्रावधि की गणना पुलिस आदेश संख्या-322/2022 के अनुरूप की जाएगी और इसके लिए कट-ऑफ तिथि 31 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है। इसके अलावा, जिन पुलिस कर्मियों की सेवानिवृत्ति (Retirement) में 02 वर्ष से कम का समय शेष रह गया है, उन्हें इस विचारण क्षेत्र (Consideration Zone) से बाहर रखा जाएगा। इन सभी प्रक्रियाओं को बिहार के पुलिस महानिदेशक (DGP) का अनुमोदन प्राप्त है।
डेटा भेजने का प्रारूप और अधिकारियों की जवाबदेही
सभी संबंधित पुलिस इकाइयों व क्षेत्रीय चयन पर्षद से पात्र कर्मियों की सूची हार्ड कॉपी और सॉफ्ट कॉपी के साथ मांगी गई है। प्रतिलिपि जारी करते हुए सभी वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) और पुलिस अधीक्षक (SP) को निर्देश दिया गया है कि वे आंकड़ों की प्रविष्टियों की शुद्धता सुनिश्चित करें। यदि सूची में किसी भी प्रकार की त्रुटि पाई जाती है, तो उसकी सीधी जवाबदेही संबंधित प्राधिकृत अधिकारी की होगी।