बिहार पुलिस का अपना हाईटेक गेस्ट हाउस: पटना में मिलेगी होटल जैसी सुविधा, डीजीपी ने दी 5 मंजिला भवन को मंजूरी
बिहार पुलिस के जवानों के लिए पटना में 50 एसी कमरों वाला आधुनिक गेस्ट हाउस बनेगा। डीजीपी विनय कुमार की अध्यक्षता में मैंगल्स रोड पर 5 मंजिला इमारत के निर्माण को हरी झंडी मिल गई है। अब पुलिसकर्मियों को निजी होटलों के भरोसे नहीं रहना होगा।
बिहार पुलिस के जवानों और पदाधिकारियों के लिए अब राजधानी पटना में ठहरना पहले से कहीं अधिक सुविधाजनक और सुरक्षित होगा। पटना के मैंगल्स रोड स्थित बिहार पुलिस एसोसिएशन कार्यालय परिसर में एक भव्य पांच मंजिला गेस्ट हाउस का निर्माण किया जाएगा। डीजीपी विनय कुमार की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में इस प्रस्ताव पर अंतिम सहमति बन गई है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य दूसरे जिलों से अदालती काम, छापेमारी या अन्य आधिकारिक ड्यूटी के लिए पटना आने वाले पुलिसकर्मियों की आवासीय समस्याओं को जड़ से खत्म करना है।
50 एसी कमरों और आधुनिक सुविधाओं से होगा लैस
यह नया पुलिस गेस्ट हाउस किसी आधुनिक होटल से कम नहीं होगा। इसमें 50 से अधिक एयर-कंडीशंड (AC) कमरे और एक विशाल डोरमेट्री की सुविधा उपलब्ध होगी। बिहार पुलिस एसोसिएशन के अध्यक्ष मृत्युंजय कुमार सिंह के अनुसार, इस भवन का निर्माण सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। चूंकि ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के पास अक्सर आधुनिक हथियार और संवेदनशील सरकारी दस्तावेज होते हैं, इसलिए निजी होटलों की तुलना में यह गेस्ट हाउस उनके लिए एक अभेद्य और सुरक्षित ठिकाना साबित होगा।
भवन निर्माण निगम ने शुरू की कागजी प्रक्रिया
डीजीपी की हरी झंडी मिलने के बाद पुलिस मुख्यालय ने बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम को इस प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी सौंप दी है। निगम के इंजीनियर जल्द ही जमीन की पैमाइश कर भवन का नक्शा तैयार करेंगे। इसके बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की जाएगी, ताकि निर्माण कार्य को तय समय सीमा के भीतर पूरा किया जा सके। यह गेस्ट हाउस पुलिस एसोसिएशन की लंबे समय से लंबित मांग का परिणाम है, जिस पर 23 मार्च की बैठक में औपचारिक मुहर लगी थी।
विशेष शाखा और अग्निशमन कर्मियों को भी बड़ा लाभ
इस बैठक में केवल बुनियादी ढांचे ही नहीं, बल्कि पुलिस कल्याण से जुड़ा भी एक बड़ा फैसला लिया गया। अब बिहार पुलिस की 'विशेष शाखा' (Special Branch) और 'अग्निशमन सेवा' के हजारों कर्मियों को भी पुलिस कल्याण कोष का लाभ मिल सकेगा। साल 2011 से विशेष शाखा के कर्मियों के अंशदान की रुकी हुई कटौती को दोबारा बहाल करने पर सहमति बनी है। इससे इन विभागों के कर्मियों को अब शिक्षा ऋण, वित्तीय अनुदान और अन्य परोपकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा।