पंचायत प्रतिनिधियों को अब नहीं सताएगी फाइल: इतने दिन में देना होगा शस्त्र लाइसेंस 'डेडलाइन' तय, लापरवाह अफसरों पर गिरेगी गाज!

गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविन्द कुमार चौधरी ने निर्देश दिया है कि त्रिस्तरीय पंचायती राज और ग्राम कचहरी के प्रतिनिधियों के आवेदनों को हर हाल में 60 दिनों के भीतर निपटाना होगा। इसके लिए थानों को 30 दिनों में रिपोर्ट देनी होगी

पंचायत प्रतिनिधियों को अब नहीं सताएगी फाइल: इतने दिन में देन

Patna - बिहार सरकार ने पंचायत प्रतिनिधियों की सुरक्षा और उनके शस्त्र लाइसेंस (Arms License) के आवेदनों को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है । मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद गृह विभाग ने त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं और ग्राम कचहरी के निर्वाचित प्रतिनिधियों के आवेदनों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर निपटाने का सख्त निर्देश जारी किया है 

60 दिनों के भीतर फैसला अनिवार्य

गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविन्द कुमार चौधरी ने सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को पत्र लिखकर निर्देशित किया है कि जनप्रतिनिधियों से प्राप्त शस्त्र लाइसेंस के आवेदनों को आयुध नियम-2016 के तहत 60 दिनों के भीतर निष्पादित किया जाए । नियमों के मुताबिक, आवेदन मिलने पर जिला प्रशासन को निकटतम थाने से पुलिस रिपोर्ट मांगनी होगी, जिसे थाना प्रभारी को 30 दिनों के भीतर भेजना अनिवार्य है । पुलिस रिपोर्ट मिलने के बाद अनुज्ञापन प्राधिकार को अगले 60 दिनों के भीतर आवेदन पर अंतिम निर्णय लेना होगा 

प्रशासन को देनी होगी मासिक रिपोर्ट

सरकार ने इस प्रक्रिया की निगरानी के लिए कड़े नियम बनाए हैं 。 अब सभी जिलों को शस्त्र लाइसेंस के आवेदनों पर की गई कार्रवाई की मासिक रिपोर्ट हर महीने की 7वीं तारीख तक विभाग को भेजनी होगी 。 इसके लिए एक विशेष प्रपत्र (फॉर्मेट) भी जारी किया गया है, जिसमें आवेदनों की कुल संख्या, स्वीकृत, अस्वीकृत और लंबित मामलों का पूरा ब्यौरा देना होगा 

मासिक समीक्षा करेंगे आला अधिकारी

आदेश में स्पष्ट किया गया है कि इन आवेदनों की मासिक समीक्षा मुख्यालय स्तर पर की जाएगी । साथ ही, सभी प्रमंडलीय आयुक्तों से भी अनुरोध किया गया है कि वे अपने स्तर से इन निर्देशों के अनुपालन की निगरानी करें । इस पहल का मुख्य उद्देश्य पंचायत प्रतिनिधियों को सुरक्षा के लिए लाइसेंस प्राप्त करने में होने वाली अनावश्यक देरी को समाप्त करना है