Bihar Board Exam 2026: संघर्ष से सफलता तक का सफर! फुटपाथ पर काम करने वाले पिता का बेटा बना बिहार का सेकेंड टॉपर
Bihar Board Exam 2026: गरीबी में पले लक्की अंसारी बने बिहार इंटर आर्ट्स के सेकेंड टॉपर, 95.60% अंक लाकर मेहनत और हौसले की मिसाल पेश की।
Bihar Board Exam 2026: बिहार इंटरमीडिएट आर्ट्स में सेकेंड टॉपर बने लक्की अंसारी की कहानी उन सभी छात्रों के लिए बड़ी प्रेरणा है, जो यह मान लेते हैं कि बिना पैसे और सुविधाओं के सफलता मिलना मुश्किल है। लक्की ने साबित कर दिया कि अगर हौसला मजबूत हो तो कोई भी मुश्किल रास्ता रोक नहीं सकता।
लक्की के पिता फुटपाथ पर बैठकर घड़ी ठीक करने का काम करते हैं और इसी से घर चलता है। परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत कमजोर है, लेकिन लक्की ने इसे अपनी कमजोरी नहीं बल्कि ताकत बना लिया। तीन भाई-बहनों में वह बीच में हैं। उनकी बड़ी बहन ग्रेजुएशन कर रही है, जबकि छोटा भाई घर की हालत खराब होने के कारण एक दुकान में काम करता है।
लक्की को कैसी मिली सफलता?
लक्की ने बिहार विद्यालय परीक्षा बोर्ड की इंटर परीक्षा में 95.60 प्रतिशत अंक हासिल कर पूरे राज्य में दूसरा स्थान प्राप्त किया। उनकी यह सफलता इसलिए और खास है क्योंकि उन्होंने किसी बड़े कोचिंग या महंगी लाइब्रेरी में पढ़ाई नहीं की। वह केहाट थाना क्षेत्र के खजांची हाट मोहल्ले में एक छोटे से 10×12 के कमरे में अपने माता-पिता और अन्य परिवारों के साथ रहते हैं। इतनी तंग जगह में रहकर पढ़ाई करना आसान नहीं था। इसके बावजूद उन्होंने मेहनत जारी रखी। परिवार की मदद के लिए उन्हें छह महीने तक एक मेडिकल स्टोर में काम भी करना पड़ा, ताकि घर का खर्च और पढ़ाई दोनों चल सके।
लक्की का हौसला कभी नहीं टूटा
इन कठिन हालातों के बावजूद लक्की का हौसला कभी नहीं टूटा। उन्होंने रोज करीब 6 घंटे पढ़ाई की और ऑफलाइन कोचिंग के साथ-साथ यूट्यूब का भी सहारा लिया। उनका कहना है कि जब वह परीक्षा देकर लौटे थे, तब उन्हें भरोसा था कि उनका रिजल्ट अच्छा आएगा। लक्की ने बताया कि वह मैट्रिक में टॉपर बनने से चूक गए थे, इसलिए इस बार उन्होंने और ज्यादा मेहनत की। इस मेहनत का नतीजा यह हुआ कि वह सिर्फ 1 अंक से स्टेट टॉपर बनने से रह गए, लेकिन सेकेंड टॉपर बनकर उन्होंने बड़ा मुकाम हासिल किया।
माता-पिता और पूरे इलाके में खुशी का माहौल
लक्की की सफलता से आज उनके माता-पिता और पूरे इलाके में खुशी का माहौल है। घर पर बधाई देने वालों की भीड़ लगी हुई है। लक्की कहते हैं कि उनके माता-पिता की आंखों में खुशी के आंसू देखकर उन्हें लगता है कि उनकी मेहनत सफल हो गई। वह इसे अपनी जिंदगी का सबसे बड़ा तोहफा मानते हैं। लक्की का सपना है कि वह आगे चलकर एक अच्छे शिक्षक बनें। वह चाहते हैं कि शिक्षा के जरिए समाज के गरीब और जरूरतमंद बच्चों की मदद करें, ताकि वे भी आगे बढ़ सकें। उनकी मां पम्मी बेगम को पहले से ही विश्वास था कि उनका बेटा टॉपर बनेगा। आज बेटे की इस सफलता पर उन्हें बहुत गर्व महसूस हो रहा है।