बिहार में भीषण गर्मी का अलर्ट: मुख्य सचिव ने 10 विभागों को दिए सख्त निर्देश, जानें क्या है सरकार का 'एक्शन प्लान'
बिहार में अप्रैल से जून तक भीषण गर्मी और लू (Heatwave) की चेतावनी जारी की गई है। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने 10 विभागों के साथ बैठक कर एक्शन प्लान तैयार किया है।
Patna - बिहार में इस साल सूरज के तेवर अभी से तल्ख होने लगे हैं। मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार, राज्य में अप्रैल के मध्य से जून तक भीषण गर्मी और लू (Heatwave) चलने की प्रबल आशंका है। इस संभावित प्राकृतिक चुनौती से निपटने के लिए बिहार सरकार पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गई है। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने हाल ही में 10 महत्वपूर्ण विभागों के प्रमुखों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की, ताकि समय रहते जान-माल की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किए जा सकें।
मानसून की कमी और बढ़ता तापमान
बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने चिंता जताते हुए कहा कि पिछले मानसून में कम वर्षा होने के कारण जमीन की नमी कम हुई है। इसका असर अभी से दिखने लगा है; नालंदा, गया और रोहतास जैसे जिलों में तापमान अभी से ही 30 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। मौसम विभाग ने संकेत दिया है कि इस बार गर्मी पिछले कई सालों का रिकॉर्ड तोड़ सकती है, जिसे देखते हुए सभी संबंधित विभागों को 'स्टैंडबाय' मोड पर रहने को कहा गया है।
सार्वजनिक स्थानों पर प्याऊ और पानी के टैंकर
भीषण गर्मी में सबसे बड़ी समस्या पेयजल की होती है। इसे देखते हुए मुख्य सचिव ने नगर विकास एवं आवास विभाग को निर्देश दिया है कि बस स्टैंड, व्यस्त बाजारों और प्रमुख चौराहों पर तुरंत प्याऊ की व्यवस्था की जाए। इसके साथ ही, पीएचईडी (PHED) को आदेश दिया गया है कि सभी पाइपलाइनों की मरम्मत सुनिश्चित करें और ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में जरूरत पड़ने पर पानी के टैंकरों की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखें ताकि जल संकट की स्थिति न पैदा हो।
स्वास्थ्य केंद्रों पर ORS और विशेष वार्ड के निर्देश
स्वास्थ्य विभाग को अप्रैल शुरू होने से पहले ही जमीनी स्तर पर तैयारी पूरी करने को कहा गया है। सभी सिविल सर्जनों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) के प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि अस्पतालों में ORS पैकेट और जीवन रक्षक दवाओं का पर्याप्त स्टॉक रखा जाए। लू की चपेट में आने वाले मरीजों के लिए अस्पतालों में विशेष बेड आरक्षित करने और त्वरित इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी आदेश दिए गए हैं।
बिजली, परिवहन और शिक्षा विभाग को SOP का पालन
मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि सभी 10 विभाग अपनी पूर्व निर्धारित SOP (Standard Operating Procedure) के आधार पर तुरंत काम शुरू कर दें। इसमें ऊर्जा विभाग को निर्बाध बिजली आपूर्ति, शिक्षा विभाग को स्कूलों के समय में संभावित बदलाव और परिवहन विभाग को बसों में यात्रियों की सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश शामिल हैं। सरकार का लक्ष्य है कि गर्मी के चरम पर पहुंचने से पहले ही बुनियादी ढांचा पूरी तरह तैयार रहे।
अगले 5 दिनों का मौसम पूर्वानुमान
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, अगले पांच दिनों तक राज्य के न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की उम्मीद नहीं है। हालांकि, उत्तर मध्य और पूर्वी बिहार के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश और वज्रपात (ठनका) की संभावना बनी हुई है। पिछले 24 घंटों में किशनगंज जैसे इलाकों में हल्की बारिश दर्ज की गई है, जिससे शाम के समय थोड़ी राहत मिल सकती है, लेकिन अप्रैल के आते ही शुष्क पश्चिमी हवाएं गर्मी बढ़ाना शुरू कर देंगी।