तिरंगे के रंग में रंगा बिहार, बेटियों के हाथों में लहराया तिरंगा, हर घर तिरंगा बना जन-जन का जज्बा
हाथों में लहराता तिरंगा, जुबां पर भारत माता की जय का जयघोष और दिल में राष्ट्रप्रेम का जज्बा बिहार की बेटियां और स्कूली बच्चे इस अभियान को जन-जन तक पहुंचाने में जुटे हैं।
Har Ghar Tiranga 2026: बिहार में हर घर तिरंगा अभियान-2026 को लेकर बच्चों से लेकर आम लोगों तक जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। तिरंगे की आन, बान और शान के साथ स्कूलों में देशभक्ति का माहौल बना हुआ है। हाथों में लहराता तिरंगा, जुबां पर भारत माता की जय का जयघोष और दिल में राष्ट्रप्रेम का जज्बा बिहार की बेटियां और स्कूली बच्चे इस अभियान को जन-जन तक पहुंचाने में जुटे हैं।
कंकड़बाग की छात्रा सभ्या कुमारी भी इस अभियान का हिस्सा बनी हैं। उन्होंने कहा, “तिरंगा हमारी शान है। इस अभियान में शामिल होकर मैं तहे दिल से खुश हूं।” सभ्या की तरह राज्यभर में हजारों विद्यार्थी अलग-अलग देशभक्ति कार्यक्रमों में हिस्सा लेकर राष्ट्रीय गौरव का संदेश दे रहे हैं।
स्कूलों में 9 से 17 अगस्त तक तिरंगा महोत्सव
बिहार शिक्षा विभाग के निर्देश के मुताबिक राज्य के सभी प्राथमिक, मध्य और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में 9 अगस्त से 17 अगस्त 2026 तक ‘हर घर तिरंगा-2026 महोत्सव’ मनाया जा रहा है।इस दौरान स्कूलों में तिरंगा यात्रा, जागरूकता रैली, ध्वजारोहण, निबंध लेखन, चित्रकला, रंगोली और क्विज प्रतियोगिताओं समेत कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन आयोजनों के जरिए विद्यार्थियों को राष्ट्रीय ध्वज के महत्व और उसे फहराने से जुड़े नियमों की जानकारी भी दी जा रही है।बच्चों को अपने घरों पर तिरंगा लगाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, ताकि स्वतंत्रता दिवस का जश्न सिर्फ स्कूलों और सरकारी परिसरों तक सीमित न रहे, बल्कि हर घर तक देशभक्ति का पैगाम पहुंचे।
तिरंगा बना राष्ट्रीय एकता और स्वाभिमान का प्रतीक
तिरंगा महज तीन रंगों से बना राष्ट्रीय ध्वज नहीं, बल्कि देश की एकता, अखंडता, स्वतंत्रता और स्वाभिमान का प्रतीक है। इसके साथ करोड़ों भारतीयों की भावनाएं जुड़ी हैं। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान जिन वीरों ने अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया, तिरंगा उनकी कुर्बानी और संघर्ष की याद भी दिलाता है।हर घर तिरंगा अभियान इसी जज्बे को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की कोशिश है। बच्चों को बताया जा रहा है कि राष्ट्रप्रेम केवल नारों तक सीमित नहीं, बल्कि देश की एकता, संविधान और राष्ट्रीय मूल्यों के प्रति सम्मान से भी जुड़ा है।
‘भारत माता की जय’ से गूंजा बिहार
तिरंगा यात्राओं और जागरूकता रैलियों के दौरान बच्चों और लोगों के हाथों में राष्ट्रीय ध्वज नजर आ रहा है। जगह-जगह ‘भारत माता की जय’ के जयघोष से माहौल देशभक्ति से सराबोर हो रहा है।स्कूली छात्र-छात्राओं की भागीदारी ने अभियान को खास बना दिया है। खासकर बिहार की बेटियां पूरे उत्साह के साथ तिरंगा यात्रा और दूसरे कार्यक्रमों में हिस्सा ले रही हैं। उनके चेहरे पर देश के प्रति गर्व और आंखों में भविष्य के भारत का सपना नजर आ रहा है।
बिहार की बेटियों ने कहा- तिरंगा हमारी शान
कंकड़बाग की छात्रा अनुष्का सिन्हा ने कहा, “हर घर तिरंगा योजना बहुत ही शानदार पहल है। यह कार्यक्रम होना चाहिए, क्योंकि तिरंगा हमारे देश की शान है।”वहीं कंकड़बाग की छात्रा कोमल कुमारी ने गांधी मैदान में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान उमड़ी भीड़ और कार्यक्रम को लेकर अपना अनुभव साझा किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने पहली बार इतनी बड़ी संख्या में लोगों को एक साथ देखा। देशभक्ति गीत, परेड और वंदना का माहौल उन्हें बेहद खूबसूरत लगा।
‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष से जुड़ा अभियान
इस वर्ष हर घर तिरंगा अभियान का एक महत्वपूर्ण पहलू राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने से भी जुड़ा है। अभियान के जरिए विद्यार्थियों और आम लोगों में राष्ट्रप्रेम, राष्ट्रीय एकता और देशभक्ति की भावना को और मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।स्कूलों में आयोजित प्रतियोगिताएं बच्चों को अपनी रचनात्मकता के जरिए देश के प्रति भावनाएं व्यक्त करने का अवसर दे रही हैं। कोई तिरंगे की तस्वीर बना रहा है, कोई रंगोली के जरिए राष्ट्रभक्ति का संदेश दे रहा है तो कोई निबंध और क्विज के माध्यम से स्वतंत्रता आंदोलन और राष्ट्रीय प्रतीकों की जानकारी हासिल कर रहा है।कुल मिलाकर बिहार में हर घर तिरंगा अभियान-2026 अब महज एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनभागीदारी और राष्ट्रीय गौरव का उत्सव बनता दिखाई दे रहा है। बच्चों के हाथों में तिरंगा और जुबां पर भारत माता की जय का नारा यह संदेश दे रहा है कि देशभक्ति की यह लौ नई पीढ़ी के दिलों में भी पूरी शिद्दत के साथ रोशन है।