LPG Crisis: बिहार में गैस संकट! नए कनेक्शन और ट्रांसफर पर लगी रोक, जानें क्यों लिया गया ये बड़ा फैसला
LPG Crisis: पूरे बिहार में नए गैस कनेक्शन और ट्रांसफर की प्रक्रिया पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। इतना ही नहीं, जिन उपभोक्ताओं का सालाना 12 सिलेंडर का कोटा पूरा हो चुका है, उनकी नई बुकिंग भी सिस्टम द्वारा स्वीकार नहीं की जा रही है।
LPG Crisis: मिडिल ईस्ट में तनाव का असर देशभर में देखने को मिल रहा है। देश में गैस संकट देखने को मिल रहा है। इसी बीच बिहार के रसोई गैस उपभोक्ताओं के लिए एक भी बेहद चिंताजनक खबर सामने आ रही है। यदि आप नया गैस कनेक्शन लेने की सोच रहे थे या अपने पुराने कनेक्शन को ट्रांसफर कराने की योजना बना रहे थे, तो फिलहाल आपको बड़ा झटका लग सकता है। ताजा अपडेट के अनुसार, पूरे बिहार में नए गैस कनेक्शन और ट्रांसफर की प्रक्रिया पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। इतना ही नहीं, जिन उपभोक्ताओं का सालाना 12 सिलेंडर का कोटा पूरा हो चुका है, उनकी नई बुकिंग भी सिस्टम द्वारा स्वीकार नहीं की जा रही है।
12 सिलेंडर ही मिलेंगे
दरअसल, तेल कंपनियों ने बढ़ती मांग और आपूर्ति के दबाव को देखते हुए नए गैस कनेक्शन और डबल बॉटल कनेक्शन जारी करने पर फिलहाल अस्थायी रोक लगा दी है। इसके साथ ही तय सालाना कोटे से अधिक सिलेंडर लेने वाले उपभोक्ताओं की बुकिंग भी सिस्टम में स्वीकार नहीं की जा रही है। जानकारी के अनुसार, नए नियमों के तहत शहरी इलाकों में एक उपभोक्ता को साल में अधिकतम 12 सिलेंडर और ग्रामीण क्षेत्रों में 8 सिलेंडर ही मिल सकेंगे।
क्यों लिया गया फैसला
पहले 12 सिलेंडर के बाद बिना सब्सिडी वाले रिफिल की सुविधा उपलब्ध थी, लेकिन अब सिस्टम में 12वीं बुकिंग के बाद ही रोक लग जा रही है। बिहार एलपीजी वितरक संघ का कहना है कि यह फैसला मौजूदा उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध कराने के लिए लिया गया है, ताकि वितरण व्यवस्था प्रभावित न हो।
कनेक्शन ट्रांसफर भी बंद
अगर कोई उपभोक्ता नौकरी या अन्य कारणों से एक शहर से दूसरे शहर जा रहा है, तो फिलहाल गैस कनेक्शन ट्रांसफर कराना भी संभव नहीं होगा। तेल कंपनियों ने अंतरराज्यीय और अंतर-शहर ट्रांसफर की प्रक्रिया को अगले आदेश तक रोक दिया है। एजेंसियों का कहना है कि फिलहाल प्राथमिकता पुराने और सक्रिय उपभोक्ताओं को गैस रिफिल देने की है।
पीएनजी उपभोक्ताओं को सरेंडर करना होगा एलपीजी
केंद्र सरकार ने तरलीकृत पेट्रोलियम गैस संशोधन आदेश, 2026 जारी करते हुए एक और बड़ा बदलाव किया है। इसके तहत जिन घरों में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) का कनेक्शन लग चुका है, वे एलपीजी सिलेंडर नहीं रख पाएंगे। आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत ऐसे उपभोक्ताओं को अपना एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करना होगा। बताया जा रहा है कि बिहार में करीब एक लाख पीएनजी उपभोक्ता हैं, जिनमें से अकेले पटना के लगभग 30 हजार लोग इस नियम से प्रभावित हो सकते हैं।
कमर्शियल गैस सिलेंडरों की बुकिंग शुरु
सरकार का तर्क है कि इससे एलपीजी की कालाबाजारी पर रोक लगेगी और जरूरतमंद उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध कराई जा सकेगी। हालांकि राहत की बात यह है कि कमर्शियल गैस सिलेंडरों की बिक्री फिर से शुरू कर दी गई है, जिससे होटल और रेस्टोरेंट कारोबारियों को कुछ राहत मिली है।