वैश्विक मंच पर बिहार का जलवा! 'भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026' में मिला 'फोकस स्टेट' का दर्जा, ऊर्जा क्षेत्र में निवेश की खुलेंगी राहें
नई दिल्ली के यशोभूमि में आयोजित होने वाले 'भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026' में बिहार 'फोकस स्टेट' के तौर पर अपनी ऊर्जा क्षेत्र की उपलब्धियों और निवेश की संभावनाओं को प्रदर्शित करेगा।
Patna - बिहार राष्ट्रीय ऊर्जा विमर्श के केंद्र में अपनी पहचान तेजी से स्थापित कर रहा है। भारत सरकार के ऊर्जा मंत्रालय की पहल पर नई दिल्ली के यशोभूमि में आयोजित होने वाले 'भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026' में बिहार को ‘फोकस स्टेट’ का गौरवपूर्ण दर्जा दिया गया है। 19 से 22 मार्च तक चलने वाले इस चार दिवसीय वैश्विक समागम में बिहार अपने ऊर्जा क्षेत्र में किए गए क्रांतिकारी सुधारों और ‘पावरिंग बिहार’ पहल की प्रगति को दुनिया के सामने रखेगा।
- 7 देशों के ऊर्जा मंत्री और 3000 वक्ता होंगे शामिल
इस समिट की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें भारत के सभी राज्यों के साथ-साथ सात देशों—मालदीव, श्रीलंका, भूटान, तंजानिया, मॉरिशस, तजाकिस्तान और रिपब्लिक ऑफ मलावी—के ऊर्जा मंत्री शिरकत कर रहे हैं। पूरे कार्यक्रम के दौरान आयोजित होने वाले 50 सत्रों में लगभग 3,000 वक्ता ऊर्जा क्षेत्र की चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं पर अपने विचार साझा करेंगे।
यशोभूमि में बिहार का खास स्टॉल और नीतिगत विमर्श
यशोभूमि के हॉल संख्या 2 (स्टैंड नंबर 2E51) पर बिहार का विशेष स्टॉल लगाया गया है, जहाँ राज्य अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित करेगा। समिट के दूसरे दिन बिहार स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड (BSPTCL) के प्रबंध निदेशक सीईओ स्तर की बैठक में भाग लेंगे। इसके अलावा, ऊर्जा सचिव और पीडब्ल्यूसी (PwC) के पार्टनर अभिजीत रे के बीच होने वाली सीईओ बैठक में राज्य के भीतर निवेश की संभावनाओं पर गहन चर्चा प्रस्तावित है।
निवेशकों के साथ सीधी बातचीत और मीडिया संवाद
समिट के तीसरे दिन बिहार के ऊर्जा सचिव संभावित निवेशकों के साथ सीधा संवाद करेंगे। इस दौरान मीडिया ब्रीफिंग और साक्षात्कार के जरिए राज्य की नई ऊर्जा नीति और भविष्य की दिशा पर प्रकाश डाला जाएगा। इस सक्रिय भागीदारी का मुख्य उद्देश्य वैश्विक ऊर्जा परिवर्तन में बिहार की अग्रणी भूमिका को रेखांकित करना और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नए निवेश के अवसरों को सृजित करना है।
'पावरिंग बिहार' से वैश्विक नेतृत्व की ओर कदम
इस समिट के माध्यम से बिहार न केवल अपनी सकारात्मक छवि को मजबूत करेगा, बल्कि बिजली क्षेत्र की चुनौतियों पर अपना दृष्टिकोण साझा करते हुए वैश्विक मंच पर अपनी नेतृत्व क्षमता भी प्रस्तुत करेगा। चार दिनों तक चलने वाले इस संवाद का औपचारिक निष्कर्ष समापन समारोह में सामने आएगा, जिससे राज्य के ऊर्जा क्षेत्र में और भी तेज बदलाव आने की उम्मीद है।