शिक्षा विभाग सख्त: ₹2.5 करोड़ का हिसाब डकार गए 507 प्राचार्य? 20 मार्च तक वेतन और पद पर संकट
भोजपुर जिले में स्कूल मरम्मत और रंग-रोगन के लिए दिए गए ₹2.5 करोड़ का हिसाब न देने पर 507 प्राचार्यों का वेतन बंद करने और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
Arrah - भोजपुर जिले के सरकारी स्कूलों में वित्तीय अनियमितता और लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है। जिले के 507 स्कूलों ने पिछले दो वर्षों से मरम्मत और रंग-रोगन के लिए मिले ढाई करोड़ रुपये का हिसाब (उपयोगिता प्रमाण पत्र) विभाग को नहीं सौंपा है। इसे गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) मानवेंद्र कुमार राय ने सभी दोषी प्राचार्यों को 20 मार्च तक का अंतिम अल्टीमेटम जारी किया है।
बड़हरा और आरा में सबसे ज्यादा लापरवाही
आंकड़ों के मुताबिक, इस वित्तीय अनुशासनहीनता में बड़हरा और आरा प्रखंड सबसे आगे हैं। अकेले इन दो प्रखंडों में करीब एक करोड़ रुपये का हिसाब बकाया है। बड़हरा के 93 स्कूलों ने ₹46.50 लाख और आरा के 81 स्कूलों ने ₹40.50 लाख का उपयोगिता प्रमाण पत्र जमा नहीं किया है। इसके अलावा शाहपुर में 55 और शहर के 54 स्कूलों सहित जिले के अन्य प्रखंडों में भी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
वेतन बंदी और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
DEO ने स्पष्ट किया है कि यदि 20 मार्च तक संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापक, प्रभारी प्रधानाध्यापक या प्रधान शिक्षक हिसाब नहीं देते हैं, तो उनका वेतन तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया जाएगा। साथ ही, उनके खिलाफ 'प्रपत्र क' गठित करते हुए कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी। विभाग को आशंका है कि उपयोगिता प्रमाण पत्र जमा न करने के पीछे लाखों रुपये की गड़बड़ी हो सकती है, जिसकी वसूली के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं।
| प्रखंड | स्कूलों की संख्या | स्थिति |
| बड़हरा | 93 | सबसे अधिक लापरवाही |
| आरा | 81 | भारी बकाया |
| शाहपुर | 55 | गंभीर स्थिति |
| शहर (भोजपुर) | 54 | लापरवाही |
| तरारी | 03 | सबसे कम बकाया |