अपराधियों का अब खुफिया ऐजेंसी से बचना होगा मुश्कील, हर गतिविधि पर रहेगी पुलिस की पैनी नजर, राजधानी से लेकर जिला तक

Bihar Police: बिहार में सुरक्षा और खुफिया निगरानी को और धार देने के लिए पुलिस महकमे ने बड़ा कदम उठाया है।

Bihar Expands IB Network Across 40 Police Districts for Secu
अब हर हलचल पर खुफिया नजर- फोटो : social Media

Bihar Police: बिहार में सुरक्षा और खुफिया निगरानी को और धार देने के लिए पुलिस महकमे ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य के सभी 40 पुलिस जिलों में इंटेलिजेंस ब्यूरो यानी आईबी के कार्यालयों का नेटवर्क विस्तार किया जा रहा है। अब तक 35 जिलों में सरकारी भवनों के भीतर आईबी कार्यालय सक्रिय हो चुके हैं, जबकि बाकी पांच जिलों में अगले एक महीने के भीतर कार्यालय शुरू किए जाने की उम्मीद है।

पुलिस मुख्यालय ने खुफिया तंत्र को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए 138 सब-इंस्पेक्टरों को विशेष शाखा में तैनात किया है। हर पुलिस जिले में करीब तीन से चार अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। इन अधिकारियों का मकसद स्थानीय स्तर पर होने वाली गतिविधियों की लगातार निगरानी करना और किसी भी संवेदनशील सूचना को समय रहते मुख्यालय तक पहुंचाना होगा।

अब हर हलचल पर खुफिया नजर

नए नेटवर्क के तहत तैनात टीमें अपने-अपने इलाकों में संदिग्ध गतिविधियों, सुरक्षा से जुड़े मामलों और संवेदनशील घटनाक्रम पर नजर रखेंगी। इन टीमों को नियमित अंतराल पर विशेष शाखा को रिपोर्ट भेजनी होगी। इससे स्थानीय स्तर पर मिलने वाली अहम सूचनाओं का तेजी से आकलन और मॉनिटरिंग संभव हो सकेगी।यानी अब खुफिया तंत्र सिर्फ किसी बड़ी घटना के बाद सक्रिय होने के बजाय संभावित खतरे की आहट पहले पकड़ने की कोशिश करेगा। स्थानीय स्तर पर सूचना का नेटवर्क मजबूत होने से पुलिस मुख्यालय को भी संवेदनशील मामलों पर तेजी से प्रतिक्रिया देने में मदद मिल सकती है।

729 किलोमीटर की खुली सीमा सबसे बड़ा फोकस

बिहार के खुफिया नेटवर्क की सबसे बड़ी चुनौती नेपाल से लगी 729 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय खुली सीमा है। यह सीमा पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया और किशनगंज—इन सात जिलों से होकर गुजरती है।इन सीमावर्ती इलाकों में खुफिया तंत्र का खास फोकस घुसपैठ, मानव तस्करी, मादक पदार्थों की तस्करी, जाली नोटों के नेटवर्क और अन्य अवैध गतिविधियों पर रहेगा। खुली सीमा होने के कारण सीमापार आवाजाही की निगरानी अपने आप में बड़ी चुनौती है। ऐसे में स्थानीय सूचना तंत्र को मजबूत करना सुरक्षा एजेंसियों के लिए अहम माना जा रहा है।

अंतरराज्यीय सीमाओं पर भी शिकंजा

नेपाल सीमा के अलावा उत्तर प्रदेश, झारखंड और पश्चिम बंगाल से सटे बिहार के जिलों में भी खुफिया नेटवर्क को विस्तार दिया गया है। इन क्षेत्रों में अंतरराज्यीय अपराध, अवैध कारोबार और संदिग्ध गतिविधियों से जुड़ी सूचनाओं को समय पर जुटाने पर जोर रहेगा।138 एसआई की तैनाती और 40 पुलिस जिलों में कार्यालयों का विस्तार बिहार के खुफिया ढांचे को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की कवायद है। खासकर सीमावर्ती इलाकों में अगर स्थानीय सूचना तेजी से विशेष शाखा तक पहुंचेगी, तो संदिग्ध नेटवर्क पर समय रहते कार्रवाई की संभावना बढ़ सकती है।अब अगले एक महीने में बचे पांच जिलों में भी कार्यालय सक्रिय होने की उम्मीद है। इसके बाद राज्य के सभी 40 पुलिस जिलों में खुफिया तंत्र की मौजूदगी पूरी हो जाएगी। नेपाल सीमा से लेकर अंतरराज्यीय बॉर्डर तक यह नेटवर्क बिहार की सुरक्षा व्यवस्था में एक अहम कड़ी बनने जा रहा है।