बिहार दिवस मेले में अचानक पहुंचे निशांत कुमार; स्टॉल पर 'पापा' के काम देख रह गए दंग, अधिकारियों को दी बड़ी सलाह!
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार ने बिहार दिवस के अवसर पर आपदा प्रबंधन विभाग के स्टॉल का भ्रमण किया और पिता द्वारा किए गए कार्यों की सराहना की।
Patna : बिहार दिवस के अवसर पर पटना के गांधी मैदान में आयोजित तीन दिवसीय उत्सव में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार आकर्षण का केंद्र रहे। सोमवार को उन्होंने आपदा प्रबंधन विभाग (Disaster Management Department) के स्टॉल का दौरा किया और वहां प्रदर्शित की जा रही विभिन्न सुरक्षा तकनीकों और सरकारी योजनाओं का बारीकी से अवलोकन किया।
'पापा ने शुरू की कई महत्वपूर्ण योजनाएं'
स्टॉल के भ्रमण के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए निशांत कुमार ने कहा कि उन्होंने विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों को बहुत करीब से देखा है। उन्होंने अपने पिता मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा, "पापा ने इस विभाग में कई महत्वपूर्ण योजनाएं शुरू की हैं और उनकी छत्रछाया में आपदा प्रबंधन विभाग काफी फल-फूल रहा है। पिछले 20 वर्षों में इस विभाग ने विकास के नए आयाम स्थापित किए हैं।"
भूकंप सुरक्षा और जन जागरूकता पर जोर

निशांत कुमार ने स्टॉल पर लगी उस तकनीक को विशेष रूप से देखा जिसमें दिखाया गया है कि भूकंप आने पर ऊंची इमारतें कैसे हिलती हैं और उन्हें सुरक्षित रखने के क्या उपाय हैं। उन्होंने कहा, "मैंने देखा कि कैसे भूकंप के दौरान बिल्डिंग शेक करती है और उसे बचाने के लिए क्या योजनाएं हैं। हालांकि, मुझे लगता है कि आम जनता में अभी भी जागरूकता (Awareness) की कुछ कमी है। मैंने विभाग के अध्यक्ष उदय कांत जी से भी इस बारे में बात की है कि लोगों के बीच जागरूकता बढ़नी चाहिए।"
बिहार के बदलते स्वरूप पर बोले निशांत
बिहार दिवस के आयोजन और राज्य की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए निशांत कुमार ने कहा कि आज का बिहार काफी बदल गया है। उन्होंने कहा, "बिहार विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ा है और यहां लगे विभिन्न स्टॉल इस बदलाव की गवाही देते हैं। आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में जो काम हुआ है, वह वाकई उल्लेखनीय है।"
स्टॉल पर मौजूद रहे आला अधिकारी
निशांत कुमार के भ्रमण के दौरान आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष उदय कांत मिश्रा सहित विभाग के कई अन्य वरीय अधिकारी मौजूद रहे। निशांत ने अधिकारियों से आपदा के समय अस्पतालों के पंजीकरण और सुरक्षा मानकों के बारे में भी चर्चा की।