सम्राट सरकार का कैबिनेट में कानून-व्यवस्था सुधारने पर बड़ा फैसला, 5 जिलों में ग्रामीण एसपी की तैनाती, CISF सेंटर को हरी झंडी

बिहार मंत्रिमंडल बैठक में पांच जिलों पूर्वी चंपारण, समस्तीपुर, मधुबनी, वैशाली और सिवान में पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) के पांच नए पदों के सृजन को मंजूरी दी गई।

Bihar Cabinet meeting
Bihar Cabinet meeting - फोटो : news4nation

Bihar Cabinet Meeting : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बुधवार को हुई पहली पूर्ण मंत्रिमंडल बैठक में कुल 18 एजेंडों पर मुहर लगी। बैठक में विकास योजनाओं, प्रशासनिक सुधारों, निवेश प्रोत्साहन और कानून-व्यवस्था से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। सरकार ने उद्योग, आईटी, सुरक्षा और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बड़े फैसले लिए हैं। गृह विभाग के प्रस्ताव के तहत अपराध और सांप्रदायिक दृष्टि से संवेदनशील माने जाने वाले पांच जिलों  पूर्वी चंपारण, समस्तीपुर, मधुबनी, वैशाली और सिवान में पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) के पांच नए पदों के सृजन को मंजूरी दी गई। सरकार का कहना है कि इससे कानून-व्यवस्था पर बेहतर नियंत्रण और पुलिस प्रशासन की निगरानी मजबूत होगी।


राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से जुड़े दो महत्वपूर्ण प्रस्तावों को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी। लखीसराय जिले के चानन अंचल स्थित गोपालपुर मौजा में 79.92 एकड़ गैरमजरुआ मालिक किस्म की भूमि डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग को सिमेन स्टेशन स्थापना के लिए नि:शुल्क हस्तांतरित करने का निर्णय लिया गया। इस परियोजना से पशुपालन और डेयरी क्षेत्र को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।


किशनगंज में  CISF प्रशिक्षण केंद्र

इसके अलावा किशनगंज जिले के पोठिया अंचल के बुधनई मौजा में 110.12 एकड़ भूमि केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना के लिए गृह मंत्रालय, भारत सरकार को नि:शुल्क स्थायी हस्तांतरण करने की स्वीकृति दी गई। माना जा रहा है कि इससे सीमांचल क्षेत्र में सुरक्षा ढांचा मजबूत होगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।


टीसीएस को खास जिम्मेदारी 

कैबिनेट बैठक में वाणिज्य-कर विभाग के तहत विभागीय सॉफ्टवेयर बेस्ड एप्लिकेशन ‘VATMIS’ के वार्षिक रख-रखाव (AMC) के नवीनीकरण को मंजूरी दी गई। यह अनुबंध 23 अगस्त 2025 से 22 अगस्त 2026 तक के लिए होगा। इसके लिए मेसर्स टीसीएस को 1 करोड़ 31 लाख 80 हजार 414 रुपये की राशि स्वीकृत की गई। सरकार का मानना है कि इससे टैक्स प्रशासन और ऑनलाइन सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।


सरकार ने कहा कि कैबिनेट के फैसले राज्य में निवेश आकर्षित करने, नए उद्योगों को बढ़ावा देने और प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक आधुनिक एवं प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होंगे।