Bharat Tiwari Encounter: ADG ने मानी गलती, 5 पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज,शाहाबाद DIG को जांच
भरत तिवारी मुठभेड़ मामले में बिहार सरकार ने जांच तेज कर दी है।शाहाबाद DIG को जांच की कमान सौंपने के साथ ही लापरवाही बरतने वाले थानाध्यक्ष समेत 5 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। मामले की निष्पक्षता के लिए उच्च स्तरीय न्यायिक आयोग का भी गठन क
भरत तिवारी मुठभेड़ मामले में बिहार सरकार ने जांच की प्रक्रिया को और तेज कर दिया है। इस पूरे मामले की निष्पक्ष और वैज्ञानिक तरीके से जांच करने की जिम्मेदारी शाहाबाद प्रक्षेत्र के डीआईजी को सौंपी गई है। एडीजी लॉ एंड ऑर्डर सुधांशु कुमार ने प्रेस वार्ता में बताया कि घटनाक्रम से जुड़े सभी तथ्यों को स्पष्ट करने के लिए फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) सहित अन्य आधुनिक तकनीकी संसाधनों का उपयोग किया जा रहा है और पुलिस मुख्यालय इस मामले की लगातार निगरानी कर रहा है।
न्यायिक आयोग का गठन
मुख्यमंत्री के निर्देश पर इस मामले की उच्च स्तरीय जांच के लिए एक न्यायिक जांच आयोग का गठन किया गया है, जिसमें उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश को शामिल किया गया है। यह आयोग पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र जांच कर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगा। इसके साथ ही, एडीजी ने जानकारी दी कि मामले में दो अलग-अलग प्राथमिकी (एफआईआर संख्या 169/26 और 170/26) दर्ज की गई हैं, जिनके विस्तृत बिंदुओं के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।
थानाध्यक्ष समेत 5 पुलिसकर्मी निलंबित
सुधांशु कुमार ने बताया कि जांच के दौरान शुरुआती स्तर पर पुलिसकर्मियों की गंभीर लापरवाही भी सामने आई है। विशेष रूप से 16 जून को जब पुलिस पदाधिकारी पहली बार मौके पर पहुंचे थे, तब आरोपित को नियंत्रित करने में कोताही बरती गई, जिसके बाद स्थिति बिगड़ गई और इससे जुड़े वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुए। इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए संबंधित थानाध्यक्ष समेत कुल पांच पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
पारदर्शिता और निष्पक्षता पर जोर
भरत तिवारी मुठभेड़ मामले को लेकर राज्य में लगातार बढ़ती राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाओं के बीच सरकार और पुलिस प्रशासन बेहद सतर्क हैं। एडीजी सुधांशु कुमार ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी तरह पारदर्शी होगी, सभी पहलुओं की गहन पड़ताल की जाएगी और किसी भी स्तर पर दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट और न्यायिक आयोग की अनुशंसाओं के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।
रिपोर्ट - रंजीत कुमार