बिहार विधानसभा में विधायकों के लिए नई व्यवस्था, पहली बार ऑनलाइन मिलेंगी ये सुविधाएं, 20 जुलाई से शुरू मानसून सत्र में दिखेगा बदलाव
बिहार विधानसभा का पांच दिवसीय मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होकर 24 जुलाई 2026 तक चलेगा। इस बार के सत्र में एक नई शुरुआत देखने को मिलेगी जिससे विधायकों की सूचनाएं ऑनलाइन स्वीकार होंगी.
Bihar Assembly Monsoon Session 2026 : बिहार विधानसभा के आगामी मानसून सत्र में विधायकों को बड़ी सुविधा मिलने जा रही है। सदस्यों की सुविधा और सदन की कार्यवाही को अधिक व्यवस्थित बनाने के लिए पहली बार शून्यकाल और ध्यानाकर्षण प्रस्तावों की सूचनाएं ऑनलाइन स्वीकार की जाएंगी। इसके लिए विधानसभा ने समय भी निर्धारित कर दिया है। विधायक सुबह 8 बजे से 9 बजे तक शून्यकाल की सूचनाएं ऑनलाइन दे सकेंगे, जबकि ध्यानाकर्षण प्रस्तावों के लिए सुबह 9 बजे से 10 बजे तक का समय निर्धारित किया गया है। बिहार विधानसभा का पांच दिवसीय मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होकर 24 जुलाई 2026 तक चलेगा। डिजिटल व्यवस्था शुरू करने का उद्देश्य विधायकों को सदन में जनहित के मुद्दे उठाने के लिए अधिक सुविधाजनक और पारदर्शी माध्यम उपलब्ध कराना है।
21 और 22 जुलाई को पेश होंगे विधेयक
मानसून सत्र के दौरान वित्तीय वर्ष 2026-27 का प्रथम अनुपूरक बजट भी सदन में पेश किया जाएगा। 21 और 22 जुलाई को सरकार की ओर से विभिन्न विधेयक विधानसभा में पेश किए जाएंगे। वहीं, 23 जुलाई को प्रथम अनुपूरक बजट पर चर्चा और मतदान होगा। सत्र के दौरान सरकार की ओर से पेश किए जाने वाले विधेयकों को लेकर सदन में महत्वपूर्ण विधायी कामकाज होने की संभावना है।
अध्यक्ष ने दलों के नेताओं के साथ की बैठक
सत्र की तैयारियों को लेकर विधानसभा अध्यक्ष की अध्यक्षता में दलीय नेताओं की बैठक हुई। बैठक में सदन की कार्यवाही को अधिक प्रभावी, अनुशासित और व्यवस्थित बनाने पर चर्चा की गई। विधानसभा अध्यक्ष ने सभी दलों के नेताओं से अपने-अपने विधायकों को सक्रिय और रचनात्मक भागीदारी के लिए प्रेरित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रश्नकाल, शून्यकाल, विधायी कार्य और जनहित से जुड़े मुद्दों पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए, ताकि सदन की कार्यवाही जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप परिणाम दे सके।
कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर हंगामे के आसार
मानसून सत्र के दौरान विपक्ष के तेवर भी तल्ख रहने की संभावना है। राजद, कांग्रेस और वाम दल राज्य में हालिया आपराधिक घटनाओं और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार को घेरने की तैयारी में हैं। भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर समेत अन्य घटनाओं को लेकर विपक्ष सरकार से जवाब मांग सकता है।
विधानसभा परिसर की सुरक्षा होगी सख्त
सत्र के दौरान विधानसभा परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत किया जा रहा है। सभी प्रवेश द्वारों पर बैगेज स्कैनर और वाहन चेकिंग मशीनें लगाई जाएंगी। मेटल डिटेक्टर के साथ प्रशिक्षित पुलिसकर्मियों की तैनाती होगी। परिसर में प्रवेश करने वाले प्रत्येक व्यक्ति, उनके सामान और वाहनों की सघन जांच की जाएगी।
बाहरी और अनधिकृत लोगों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक रहेगी। अधिकारियों, कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों के लिए अलग-अलग श्रेणियों के सीरियल और कलर कोड वाले पास जारी किए जाएंगे। पास की जांच के बाद ही किसी को विधानसभा परिसर में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।