Bihar News: बिहार में अब 'भू योद्धा' बनेंगे आप! नीतीश सरकार का बड़ा ऐलान, बस करिए ये काम और विजय सिन्हा से पाइए इनाम
Bihar News: बिहार में जिन जमीनों के दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं, उन्हें खोजकर उपलब्ध कराने वालों को राज्य सरकार सम्मानित करेगी। उपमुख्यमंत्री एवं राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय सिन्हा ने घोषणा की कि ऐसे व्यक्तियों को ‘भू योद्धा’ के रूप में सम्मानित
Bihar News: बिहार में दशकों से चले आ रहे पेचीदा जमीन विवादों को जड़ से खत्म करने के लिए नीतीश सरकार ने अब एक अनोखा रास्ता चुना है। राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय सिन्हा ने 'भू योद्धा' सम्मान का बड़ा ऐलान किया है। यह मुहिम उन लोगों के लिए है जो अपनी या अपने पूर्वजों की जमीन के पुराने और लुप्त हो चुके दस्तावेजों (खतियान, रसीद, रजिस्ट्री पत्र) को खोजकर सामने लाएंगे। सरकार का मानना है कि जमीन के असली कागजात ही विवादों का अंत कर सकते हैं। इस पहल के जरिए न सिर्फ आम जनता को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक किया जा रहा है, बल्कि जो लोग पारदर्शी तरीके से जमीन के रिकॉर्ड सुधारने में मदद करेंगे, उन्हें 'भू योद्धा' के रूप में सम्मानित किया जाएगा।
विजय सिन्हा करेंगे सम्मानित
जानकारी अनुसार घोषणा विधानसभा में भू-अभिलेखों से जुड़ा मुद्दा उठाए जाने के बाद की गई। दूसरी ओर किशनगंज जिले के दिघलबैंक प्रखंड में बंदोबस्ती भूमि पर कथित अवैध कब्जे के मामले में उपमुख्यमंत्री ने उच्चस्तरीय जांच कराने की बात कही है। ठाकुरगंज के विधायक गोपाल कुमार अग्रवाल ने आरोप लगाया कि पिछले 40 वर्षों में भूदान और लाल कार्ड के तहत स्थानीय दलित, आदिवासी और गरीब सूरजापुरी मुस्लिम परिवारों को दी गई लगभग 90% जमीन पर बीते 10 वर्षों में पश्चिम बंगाल के मालदा और मुर्शिदाबाद से आए बाहरी लोगों ने कब्जा कर लिया है।
अवैध कब्जाधारियों से कराया जाएगा मुक्त
उन्होंने इन जमीनों का भौतिक सत्यापन कर अवैध कब्जाधारियों से मुक्त कराने की मांग की। हालांकि उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने स्पष्ट किया कि कलेक्टर, किशनगंज से प्राप्त रिपोर्ट में पश्चिम बंगाल के मालदा-मुर्शिदाबाद के नाम पर आए बाहरी लोगों द्वारा कब्जे का कोई मामला सामने नहीं आया है। उन्होंने कहा कि यदि बंदोबस्ती जमीन के अवैध हस्तांतरण या खरीद-बिक्री के मामले सामने आते हैं, तो संबंधित क्रेता के नाम दर्ज जमाबंदी रद्द कर दी जाएगी और जमीन पुनः सरकार के अधिकार में चली जाएगी।
नगर विकास विभाग में टेंडर से होंगे कार्य
उपमुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि नगर विकास विभाग में अब सभी विकास कार्य टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से ही होंगे। विभागीय स्तर पर सीधे कार्य नहीं कराए जाएंगे। उन्होंने विपक्ष के उस आरोप पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें कहा गया था कि एक करोड़ रुपये की योजनाओं को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर अनियमितता की जा रही है। विजय सिन्हा ने कहा कि यदि कहीं से ऐसी शिकायत मिलती है, तो उसकी जांच कराई जाएगी।