Bihar News : मोतीहारी पुलिस का 'ऑपरेशन क्लीन', 14 नाबालिग लड़कियों को कराया मुक्त, 7 ऑर्केस्ट्रा संचालकों को किया गिरफ्तार
MOTIHARI : पूर्वी चंपारण जिले के पुलिस कप्तान स्वर्ण प्रभात के निर्देशन में गठित एसआईटी (SIT) ने जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में चल रहे अवैध ऑर्केस्ट्रा संचालकों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने एक साथ तीन थाना क्षेत्रों—कोटवा, डुमरिया घाट और संग्रामपुर—में छापेमारी कर ऑर्केस्ट्रा में बंधक बनाकर रखी गई 14 नाबालिग लड़कियों को सुरक्षित मुक्त कराया है। इस कार्रवाई से न केवल मासूमों का बचपन सुरक्षित हुआ है, बल्कि होली के त्योहार से ठीक पहले उनके परिवारों में खुशियां लौट आई हैं।
पुलिस की इस व्यापक कार्रवाई की शुरुआत कोटवा थाना क्षेत्र के डिपाउ, बंगा और कोटवा स्थित ऑर्केस्ट्रा केंद्रों से हुई, जहाँ से कुल 08 नाबालिग लड़कियों को रेस्क्यू किया गया। मौके से एक आरोपी पप्पू गिरी को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, डुमरियाघाट के ग्राम हुसैनी में मुक्ति फाउंडेशन, महिला थाना और एएचटीयू (AHTU) की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर एक और नाबालिग लड़की को मुक्त कराया। यहाँ से तसलीम अंसारी, उसकी पत्नी अंजली महंता और शहजाद आलम को गिरफ्तार किया गया है। मौके से भारी मात्रा में साउंड बॉक्स, एम्प्लीफायर और मिक्सर मशीन भी जब्त की गई है।
संग्रामपुर थाना क्षेत्र में भी पुलिस का कड़ा रुख देखने को मिला, जहाँ तीन ऑर्केस्ट्रा संचालकों—राहुल कुमार, नूर आलम और उमेश कुमार—को गिरफ्तार किया गया। यहाँ से पुलिस ने 05 नाबालिग लड़कियों को संचालकों के चंगुल से छुड़ाया। पुलिस की जांच में सामने आया है कि इन बच्चियों को डरा-धमकाकर या बहला-फुसलाकर ऑर्केस्ट्रा में डांस कराने के लिए मजबूर किया जाता था। एसपी स्वर्ण प्रभात ने इसे बाल श्रम और मानव तस्करी के खिलाफ एक कड़ा प्रहार बताया है।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने डिजिटल साक्ष्यों के साथ-साथ भारी मात्रा में डीजे और अन्य साउंड उपकरण बरामद किए हैं। डुमरियाघाट थाने में कांड संख्या-68/26 दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ कानूनी शिकंजा कसा जा रहा है। एसपी की इस त्वरित और सख्त कार्रवाई के बाद जिले के अन्य ऑर्केस्ट्रा और डीजे संचालकों के बीच हड़कंप मचा हुआ है। कई संचालक अपनी दुकानों और केंद्रों पर ताला लगाकर भूमिगत हो गए हैं।
जिला पुलिस का कहना है कि यह अभियान अभी थमा नहीं है। जिले में कहीं भी नाबालिगों से किसी भी प्रकार का अनैतिक कार्य या बाल श्रम कराने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। मुक्त कराई गई सभी 14 लड़कियों को उचित काउंसलिंग के बाद उनके अभिभावकों को सौंपने और उनके पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। स्थानीय लोगों ने पुलिस की इस मानवीय पहल की सराहना की है, जिससे कई गरीब घरों के चिराग होली के मौके पर सुरक्षित अपने घर लौट सके हैं।
हिमांशु की रिपोर्ट