'ऑपरेशन लोटस' और फर्जी एनकाउंटर के जरिए बिहार में लोकतंत्र की हत्या की कोशिश : पप्पू यादव

पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने बीजेपी पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया है कि बिहार में राज्य सभा चुनाव के दौरान 100 करोड़ की हॉर्स ट्रेडिंग का खेल हुआ।साथ ही राज्य में हो रहे पुलिस एनकाउंटरों को फर्जी करार देते हुए सरकार पर गंभीर आरोप ...

'ऑपरेशन लोटस' और फर्जी एनकाउंटर के जरिए बिहार में लोकतंत्र क
पप्पू यादव ने बीजेपी पर लगाए गंभीर आरोप- फोटो : नरोत्तम कुमार

Patna : सांसद पप्पू यादव ने बिहार की राजनीति में 'ऑपरेशन लोटस' को लेकर बेहद चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि राज्यसभा चुनाव के दौरान नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को उनके पद, ED और CBI का डर दिखाकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा लोकतंत्र के अपहरण की पुरजोर कोशिश की गई। पप्पू यादव ने दावा किया कि इस पूरे खेल में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के भी कुछ नेता और विधायक शामिल थे। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़े कारोबारियों और बिचौलियों के माध्यम से विधायकों को तोड़ने के लिए बिहार में 100 करोड़ की भारी-भरकम राशि लाई गई थी, जिसमें अभय कुशवाहा, सुभाष यादव और समीर महासेठ जैसे नेताओं की भूमिका की गहन जांच होनी चाहिए।


बड़े भ्रष्टाचारियों को बचाने और मुख्य मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए हो रहे हैं एनकाउंटर

सांसद ने बिहार में हाल के दिनों में हुए पुलिस एनकाउंटरों की टाइमिंग पर तीखा हमला बोलते हुए इसे एक सोची-समझी प्रशासनिक साजिश करार दिया। उन्होंने कहा कि आनंद किशोर और रिशु श्री जैसे रसूखदार भ्रष्टाचारियों के घोटालों को ठंडे बस्ते में डालने के लिए जानबूझकर एनकाउंटर की आड़ ली जा रही है। इसी रणनीति के तहत कभी लालू प्रसाद यादव को जबरन घर खाली करने का नोटिस थमाया जाता है, तो कभी शिक्षकों के वाजिब हक की लड़ाई को फैजल खान और रोशन यादव का नाम देकर सांप्रदायिक व राजनीतिक मोड़ दे दिया जाता है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर पुलिस इतनी ही ईमानदार है, तो पप्पू पांडे और अनंत सिंह जैसे लोगों पर कार्रवाई क्यों नहीं होती?


भरत तिवारी एनकाउंटर पर घेरी सरकार, एसपी की कॉल डिटेल और न्यायिक जांच की मांग

भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को पूरी तरह फर्जी बताते हुए पप्पू यादव ने कहा कि मृतक कोई पेशेवर अपराधी या हिस्ट्रीशीटर नहीं था और न ही उसने पुलिस पर कोई फायरिंग की थी। महज जातिगत राजनीति का फायदा उठाने के लिए उसका एनकाउंटर कर दिया गया, जो बेहद निंदनीय है। उन्होंने इस मामले की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच की मांग करते हुए कहा कि घटना के वक्त आरा के एसपी मुख्यालय में किसके संपर्क में थे, इसकी कॉल डिटेल निकाली जाए। सांसद ने तंज कसा कि जब खुद सत्ताधारी दल के लोगों ने इस एनकाउंटर को गलत मान लिया है, तो सम्राट चौधरी सरकार को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए और भरत तिवारी को शहीद का दर्जा मिलना चाहिए।


थानों में बेटियों का उत्पीड़न और बढ़ती अराजकता पर उठाए गंभीर सवाल

पप्पू यादव ने प्रदेश की बदहाल कानून व्यवस्था को लेकर नगरनौसा, बिहारशरीफ और बेगूसराय की हालिया घटनाओं का विशेष रूप से जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि नगरनौसा में जब बेटियों ने अपने हक के लिए डिग्री कॉलेज की मांग की, तो वहां के थाना प्रभारी, बीडीओ और सीओ ने मिलकर युवा लड़कियों को गंदी गालियां दीं और उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित कर जेल भेज दिया। वहीं, बिहारशरीफ में महज दो निवाला भोजन के मामूली विवाद में दो पासवानों (दलितों) की निर्मम हत्या कर दी गई। उन्होंने कहा कि राज्य में पिछले कुछ समय में 150 से अधिक बलात्कार की घटनाएं हुई हैं, जिन्होंने निर्भया और मणिपुर जैसी दर्दनाक घटनाओं की विभीषिका को भी पीछे छोड़ दिया है।


"क्या यादव, पासवान और कमजोर वर्ग के लोग बिहार छोड़ दें?" – राज्यपाल से करेंगे शिकायत

पप्पू यादव ने सरकार के प्रशासनिक इकबाल पर सीधा निशाना साधते हुए पूछा कि आज बिहार में जाति को देखकर ही हिंसा को क्यों हवा दी जा रही है? क्या बिहार में यादव, पासवान, दलित और आर्थिक रूप से कमजोर तबके के लोगों के लिए कोई सुरक्षा नहीं बची है और उन्हें राज्य छोड़ देना चाहिए? उन्होंने एलान किया कि बिहार में बढ़ते अपराध, फर्जी एनकाउंटर और उसमें पुलिस-प्रशासन की संलिप्तता के खिलाफ वे आगामी 24 तारीख को बिहार के महामहिम राज्यपाल से मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाएंगे और इस पूरे मामले को देश की सर्वोच्च न्यायपालिका के समक्ष भी मजबूती से रखेंगे।

नरोत्तम की रिपोर्ट