बदहाल-ए- सदर अस्पताल: 'भगवान भरोसे' इमरजेंसी! 45 मिनट से डॉक्टर नदारद, तड़पते रहे मरीज, बोले सिविल सर्जन -मेरा भी फोन नहीं उठाते
आरा सदर अस्पताल की इमरजेंसी में मची अफरातफरी! 45 मिनट तक डॉक्टर महावीर प्रसाद गुप्ता रहे गायब। सिविल सर्जन ने बताया— पहले भी कर चुके हैं ऐसी लापरवाही, अब होगी कड़ी कार्रवाई।
Arrah - भोजपुर जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल, आरा सदर अस्पताल की इमरजेंसी वार्ड में शनिवार को अव्यवस्था का नंगा नाच देखने को मिला। यहाँ डॉक्टर की कुर्सी पिछले 45 मिनट से खाली रही, जबकि वार्ड में मरीज दर्द से कराहते रहे। ड्यूटी पर तैनात डॉ. महावीर प्रसाद गुप्ता के बिना किसी सूचना के गायब होने से मरीजों और उनके परिजनों में भारी आक्रोश देखा गया।
इमरजेंसी में पसरा सन्नाटा, मरीज बेहाल
अस्पताल की इमरजेंसी, जहाँ एक-एक सेकंड की कीमत जान से जुड़ी होती है, वहाँ डॉक्टर साहब पौन घंटे से लापता थे। इलाज के लिए पहुंचे मरीजों को प्राथमिक उपचार तक के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। हैरानी की बात यह है कि इस दौरान अस्पताल का कोई भी स्थानीय कर्मचारी या डॉक्टर जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं था।
सिविल सर्जन की बाइट: "पूर्व में भी रहा है ऐसा ही आचरण"
मामले की सूचना मिलते ही अस्पताल पहुंचे भोजपुर सिविल सर्जन ने इस लापरवाही पर सख्त नाराजगी जताई है। उन्होंने अपनी बाइट में स्पष्ट किया:
"डॉ. महावीर प्रसाद गुप्ता की ड्यूटी इमरजेंसी में थी, लेकिन वे पिछले 45 मिनट से अनुपस्थित हैं। उन्हें बार-बार कॉल किया गया, फोन बज रहा है लेकिन वे कोई जवाब नहीं दे रहे हैं। पूर्व में भी उनका आचरण इसी प्रकार का रहा है, वे इमरजेंसी ड्यूटी करना नहीं चाहते हैं। हमने सचिवालय (स्वास्थ्य विभाग) को उनके खिलाफ प्रपत्र-क गठित कर सूचना दे दी है।"
'प्रपत्र-क' के तहत होगी बड़ी कार्रवाई
सिविल सर्जन ने साफ कर दिया है कि अस्पताल में मरीजों की सेवा सर्वोपरि है और इस तरह की अनुशासनहीनता कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डॉक्टर की लगातार अनुपस्थिति और लापरवाही को देखते हुए उनके खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा गया है। फिलहाल, अन्य डॉक्टरों को इमरजेंसी में तैनात कर व्यवस्था बहाल करने की कोशिश की जा रही है।
रिपोर्ट - आशीष श्रीवास्तव