बिहार में 'लू' का अलर्ट: आंगनबाड़ी केंद्रों की टाइमिंग को लेकर नया आदेश जारी, लापरवाही करने वाली सेविकाओं पर गिरेगी गाज!

बिहार में गर्मी के चलते आंगनबाड़ी केंद्रों का समय बदला। अब सुबह 7:30 से 11:30 बजे तक ही खुलेंगे केंद्र। बच्चों और महिलाओं को लू से बचाने के लिए सरकार का बड़ा फैसला।

बिहार में 'लू' का अलर्ट: आंगनबाड़ी केंद्रों की टाइमिंग को ले

Patna - बिहार में समय से पहले दस्तक दे रही भीषण गर्मी और लू (Loo) के खतरों को देखते हुए नीतीश सरकार अलर्ट मोड पर है। समाज कल्याण विभाग, बिहार ने राज्य के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन समय में तत्काल प्रभाव से बदलाव कर दिया है। अब राज्य के तमाम आंगनबाड़ी केंद्र सुबह 7:30 बजे से दोपहर 11:30 बजे तक ही संचालित होंगे। यह फैसला छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं को दोपहर की चिलचिलाती धूप और उमस से बचाने के लिए लिया गया है।

पढ़ाई और पोषाहार वितरण के नियमों में कोई बदलाव नहीं

विभाग ने स्पष्ट किया है कि भले ही समय में कटौती की गई है, लेकिन बच्चों की प्री-स्कूल शिक्षा, खेलकूद और पोषाहार (SNP) वितरण जैसी अनिवार्य सेवाएं बाधित नहीं होंगी। सभी सेविकाओं और सहायिकाओं को निर्देश दिया गया है कि वे निर्धारित चार घंटों के भीतर ही अपनी सभी विभागीय गतिविधियां पूरी करें। सरकार ने चेतावनी दी है कि बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य जांच में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

जिलाधिकारियों (DM) को मिली विशेष शक्तियां

बदलते मौसम को देखते हुए सरकार ने स्थानीय प्रशासन को भी अधिकार सौंपे हैं। यदि किसी जिले में गर्मी का प्रकोप अत्यधिक बढ़ जाता है, तो वहां के जिलाधिकारी (DM) अपनी सुविधा और स्थानीय स्थिति के अनुसार केंद्रों के समय को और कम करने या उन्हें अस्थायी रूप से बंद करने का निर्णय ले सकते हैं। इससे भीषण गर्मी वाले इलाकों में बच्चों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

लापरवाही पर गिरेगी गाज: विभाग की सख्त चेतावनी

समाज कल्याण विभाग ने साफ कर दिया है कि नए समय सारिणी का पालन अनिवार्य है। यदि कोई केंद्र निर्धारित समय से पहले बंद पाया जाता है या वहां पोषाहार वितरण में गड़बड़ी मिलती है, तो संबंधित सेविका और सहायिका पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। विभाग की टीम समय-समय पर केंद्रों का औचक निरीक्षण भी करेगी।

अभिभावकों और कार्यकर्ताओं के लिए जरूरी सलाह

प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे लू के खतरे को देखते हुए बच्चों को सूती और हल्के कपड़े पहनाकर ही केंद्र भेजें। साथ ही बच्चों को हाइड्रेटेड रखने के लिए पर्याप्त पानी पिलाने की सलाह दी गई है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी निर्देश दिया गया है कि वे केंद्र पर प्राथमिक उपचार और ओआरएस (ORS) जैसी जरूरी सुविधाएं तैयार रखें।