Patna News:शिक्षक-स्नातक चुनाव के दौरान 3 फर्जी वोटर धराए, पुलिस कर रही पूछताछ

Patna News: पटना में शिक्षक और स्नातक निर्वाचन के दौरान फर्जी मतदान का मामला सामने आया है।

Fake Voters Detained
शिक्षक-स्नातक चुनाव के दौरान 3 फर्जी वोटर पकड़ाए- फोटो : reporter

Patna News: पटना में शिक्षक और स्नातक निर्वाचन के दौरान कथित फर्जी मतदान का मामला सामने आया है। 23 अक्टूबर को मतदान के बीच पोलिंग बूथ पर तैनात कर्मियों ने तीन संदिग्ध लोगों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। मामला कोतवाली थाना क्षेत्र के मिलर स्कूल परिसर का है, जहां शिक्षक-स्नातक निर्वाचन के लिए वोटिंग चल रही थी। पकड़े गए तीनों लोगों से पुलिस पूछताछ कर रही है। उनके पास से वोटर कार्ड बरामद होने की जानकारी मिली है, जबकि आधार कार्ड के जरिए उनकी पहचान और दस्तावेजों की सत्यता की तस्दीक की जा रही है। सूत्रों के अनुसार उनका आधार कार्ड भी पर्जी पाया गया है।

मिली जानकारी के मुताबिक, मतदान के दौरान पोलिंग बूथ पर तैनात कर्मियों को तीन लोगों की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। इसके बाद उन्हें रोककर पूछताछ की गई और फिर पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस तीनों से यह जानने की कोशिश कर रही है कि वे किस मकसद से मतदान केंद्र पहुंचे थे और उनके पास मौजूद मतदाता पहचान पत्र वैध हैं या नहीं। फिलहाल इस पूरे मामले में पुलिस की तफ्तीश जारी है।

सूत्रों के मुताबिक, पकड़े गए लोगों की पहचान आलोक, अनिल और शंकर के रूप में बताई जा रही है। तीनों की भूमिका की जांच की जा रही है। बताया जा रहा है कि ये लोग किसी होटल में काम करते हैं और कथित तौर पर रुपये का लालच देकर उन्हें मतदान करने के लिए मिलर स्कूल परिसर के पास बुलाया गया था। जानकारी यह भी सामने आई है कि उन्हें चार पहिया वाहन से मतदान केंद्र के नजदीक छोड़ा गया था। हालांकि, रुपये के लालच और वाहन से लाए जाने से जुड़े इन दावों की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।बताया जा रहा है कि पकड़े गए तीनों लोग पटना के पाटलिपुत्र थाना क्षेत्र में किराये के मकान में रहते हैं। वहीं, शंकर के काठमांडू, नेपाल का निवासी होने की बात सामने आई है। पुलिस अब उनके पहचान संबंधी दस्तावेजों, मतदाता सूची में नाम और मतदान के लिए उनकी पात्रता की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं है।

शिक्षक-स्नातक निर्वाचन के दौरान सामने आए इस मामले के बाद मतदान केंद्र पर सुरक्षा और पहचान सत्यापन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, तीनों लोगों को संदिग्ध परिस्थितियों में पकड़े जाने के आधार पर ही पूरे मामले को देखा जा रहा है। जांच पूरी होने से पहले उन्हें दोषी करार देना उचित नहीं होगा।फिलहाल कोतवाली थाना पुलिस तीनों से पूछताछ कर रही है। दस्तावेजों की जांच और पूछताछ के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि मामला फर्जी मतदान के प्रयास का है या इसके पीछे कोई दूसरी वजह है। पुलिस की जांच के नतीजों पर अब सबकी निगाहें टिकी हैं।

पटना से अनिल की रिपोर्ट