नवादा में साइबर अपराध के बड़े गिरोह का खुलासा : 54.84 लाख कैश, आधा किलो सोना-चांदी और गैजेट्स बरामद, 4 शातिर गिरफ्तार

नवादा पुलिस ने साइबर अपराध गिरोह के खिलाफ अबतक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने छापेमारी कर भारी मात्रा लैपटॉप, मोबाइल, लाखों कैश और गहनों के साथ 4 शातिर ठगों को गिरफ्तार किया है

नवादा में साइबर अपराध के बड़े गिरोह का खुलासा : 54.84 लाख कै
नवादा में साइबर अपराध के बड़े गिरोह का खुलासा- फोटो : अमन सिन्हा

Nawada : जिला पुलिस ने डिजिटल ठगी करने वाले एक अंतरप्रांतीय साइबर अपराध गिरोह के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर गिरोह के चार मुख्य सरगनाओं को दबोचने में सफलता हासिल की है। इन अपराधियों के पास से पुलिस ने 54 लाख 84 हजार की भारी-भरकम नकदी, करीब आधा किलो सोना, डेढ़ किलो से अधिक चांदी, लैपटॉप और कई महंगे स्मार्टफोन बरामद किए हैं। नवादा के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अभिनव धीमान ने एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर इस बड़े भंडाफोड़ की विस्तृत जानकारी दी।


आधी रात को चकवाय और सिमरी गांवों में स्वाट टीम की रेड

एसपी अभिनव धीमान ने बताया कि जिले में सक्रिय साइबर ठगों के खिलाफ वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था। साइबर थाना के पुलिस उपाधीक्षक सह थानाध्यक्ष मो. शाहनवाज अख्तर के नेतृत्व में बनी इस एसआईटी टीम ने जिला पुलिस की 'स्वाट' (SWAT) टीम के साथ मिलकर वारिसलीगंज थाना क्षेत्र के चकवाय और सिमरी गांवों में विशेष नाकेबंदी कर छापेमारी की। पुलिस की इस अचानक और त्वरित दबिश के कारण अपराधियों को भागने या अपने सबूत नष्ट करने का मौका नहीं मिला और चारों को रंगे हाथों दबोच लिया गया।


"क्रेडिट कार्ड अपडेट" और लोन के नाम पर लगाते थे चूना

गिरफ्तार साइबर अपराधियों ने पुलिसिया पूछताछ में अपने काले कारनामों और ठगी के हाईटेक तरीकों का सनसनीखेज खुलासा किया है। अपराधियों ने कबूला कि वे विभिन्न डिजिटल माध्यमों, ईमेल आईडी और व्हाट्सएप के जरिए सबसे पहले भोले-भाले लोगों के क्रेडिट कार्ड नंबर और डेटा हासिल कर लेते थे। इसके बाद वे कार्ड धारकों को फोन कर खुद को बैंक अधिकारी बताते थे और "कार्ड लिमिट बढ़ाने या अपडेट करने" का झांसा देकर उनके कार्ड का पूरा एक्सेस (OTP आदि) अपने हाथ में ले लेते थे। इस एक्सेस की मदद से ये ठग महंगी ऑनलाइन शॉपिंग और पैसों का अवैध ट्रांजैक्शन करते थे। इसके अलावा ये गिरोह लोगों को फर्जी हेल्थ कार्ड बनाने और आसान किस्तों पर लोन दिलाने के नाम पर भी करोड़ों की ठगी कर चुका है।


20 से 24 साल के युवा निकले ठगी के मास्टरमाइंड

पुलिस की गिरफ्त में आए इस गिरोह के चारों सदस्य बेहद कम उम्र के हैं, जो शॉर्टकट तरीके से अमीर बनने के लिए इस दलदल में उतरे थे। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान नीतीश कुमार (24 वर्ष), राहुल कुमार उर्फ बिल्ला (21 वर्ष), प्रिंस कुमार (24 वर्ष) और सनित कुमार (20 वर्ष) के रूप में की गई है। इनके पास से जो सामान बरामद हुआ है उसे देखकर खुद पुलिस अधिकारी भी हैरान हैं। बरामदगी की सूची में ₹54,84,000 नकद रुपया, 2 अत्याधुनिक लैपटॉप, ठगी में इस्तेमाल होने वाले 8 कीमती स्मार्टफोन, 406 ग्राम शुद्ध सोना और 1646 ग्राम चांदी के आभूषण व सिल्लियां शामिल हैं।


नए कानून 'भारतीय न्याय संहिता' और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज

एसपी अभिनव धीमान ने बताया कि इस पूरे मामले को लेकर नवादा साइबर थाना में कांड संख्या-61/26 दिनांक 19.06.2026 दर्ज किया गया है। अपराधियों के खिलाफ नए दंडात्मक कानून 'भारतीय न्याय संहिता' (BNS) 2023 और इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी (IT) एक्ट की विभिन्न कठोर और गैर-जमानती धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जा रहा है। पुलिस अब इस गिरोह के बैंक खातों को खंगालने, इनके पूरे नेटवर्क, देश के अन्य राज्यों में फैले इनके सहयोगियों और ठगी की रकम को खपाने वाले अन्य सफेदपोशों का पता लगाने के लिए आगे की छानबीन में जुट गई है। पुलिस की इस अभूतपूर्व कार्रवाई से नवादा और आसपास के जिलों में सक्रिय साइबर अपराधियों के सिंडिकेट में पूरी तरह दहशत का माहौल है।

अमन सिन्हा की रिपोर्ट