नवादा में अतिक्रमण हटाओ अभियान पर बवाल, महादलित परिवारों ने किया प्रदर्शन, बिना नोटिस घर तोड़ने का आरोप

महादलित परिवारों ने भी प्रशासनिक कार्रवाई का विरोध करते हुए कहा कि गांव में कुछ चुनिंदा लोगों के घरों को अतिक्रमण हटाने के नाम पर ध्वस्त कर दिया गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि छोटे-छोटे बच्चों और महिलाओं के साथ वे लोग इस बारिश के मौसम कहाँ जाएँ.

anti-encroachment drive Nawada
anti-encroachment drive Nawada- फोटो : news4nation

Bihar News : नवादा जिले में जिला प्रशासन द्वारा एनएच-20 फोरलेन के किनारे अंबिका बिगहा और सीतारामपुर के पास चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। सड़क किनारे बने घरों और दुकानों पर बुलडोजर कार्रवाई के बाद महादलित परिवारों ने विरोध-प्रदर्शन किया और सदर एसडीओ को आवेदन सौंपकर न्याय की मांग की।


अंबिका बिगहा के धर्मेन्द्र मांझी, प्रमोद साव, नीतीश मांझी, सुबोध मांझी समेत अन्य लोगों ने आरोप लगाया कि अतिक्रमण के नाम पर उनके घरों को बुलडोजर से तोड़ दिया गया, जबकि कार्रवाई से पहले प्रशासन की ओर से कोई नोटिस नहीं दिया गया। पीड़ित परिवारों का कहना है कि बरसात के मौसम में घर तोड़े जाने से वे पूरी तरह बेघर हो गए हैं और उनके पास रहने के लिए कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं बचा है।


सीतारामपुर के महादलित परिवारों ने भी प्रशासनिक कार्रवाई का विरोध करते हुए कहा कि गांव में कुछ चुनिंदा लोगों के घरों को अतिक्रमण हटाने के नाम पर ध्वस्त कर दिया गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि छोटे-छोटे बच्चों और महिलाओं के साथ वे लोग इस बारिश के मौसम में कहां जाएंगे। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से तत्काल वैकल्पिक आवास की व्यवस्था करने और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की मांग की।


एनएच-20 पर अतिक्रमण हटाने के विरोध में बड़ी संख्या में ग्रामीण सदर अनुमंडल कार्यालय पहुंचे। प्रदर्शन में गोपाल मांझी, नागेन्द्र मांझी, रेशमा देवी समेत कई महादलित परिवार शामिल थे। प्रशासन की इस कार्रवाई को लेकर इलाके में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है और ग्रामीण न्यायिक विकल्पों पर भी विचार कर रहे हैं। प्रशासन की ओर से फिलहाल इस मामले पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.