Bihar Crime: दवा लेने निकला 18 साल का युवक, 25 फीट ऊंचे पेड़ से लटका मिला शव, औरंगाबाद में रहस्य से सनसनी

Bihar Crime: नहर के समीप एक 18 वर्षीय युवक का शव पेड़ से लटका मिला। ....

Aurangabad Youth Found Hanging From Tree Police Probe Underw
25 फीट ऊंचे पेड़ से लटका मिला शव- फोटो : reporter

Aurangabad: जिले के रफीगंज थाना क्षेत्र में उस वक्त सनसनी फैल गई, जब दनई-संथुआ पथ पर नहर के समीप एक 18 वर्षीय युवक का शव पेड़ से लटका मिला। शव मिलने की खबर जंगल में आग की तरह फैली और देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही रफीगंज पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची और मामले की छानबीन शुरू कर दी।

मृतक की पहचान पोगर पंचायत के सिधी बुजुर्ग गांव निवासी धर्मेंद्र शर्मा के 18 वर्षीय पुत्र चितरंजन कुमार के रूप में हुई है। परिजनों के मुताबिक चितरंजन तीन दिन पहले कारपेंटर का काम करने के लिए दाउदनगर गया था। शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे वह दवा लाने की बात कहकर दाउदनगर बाजार के लिए निकला था। लेकिन शाम तक वापस नहीं लौटा।

परिवार के लोग परेशान होकर उसकी तलाश में जुट गए। रिश्तेदारों और परिचितों से पूछताछ की गई, लेकिन युवक का कोई सुराग नहीं मिला। शनिवार को अचानक खबर मिली कि उसका शव रफीगंज के दनई-संथुआ पथ पर नहर के पास करीब 25 फीट ऊंचे पेड़ से लटका हुआ है। यह खबर सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया।

घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने शव को नीचे उतरवाया और आसपास के इलाके की तलाशी ली। पुलिस को मौके के पास मृतक का बैग भी मिला, जिसमें कपड़े रखे हुए थे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

रफीगंज थानाध्यक्ष शंभू कुमार दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और बारीकी से जांच की। थानाध्यक्ष ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी।

युवक आखिर दाउदनगर से निकलकर रफीगंज कैसे पहुंचा? उसने ऐसा कदम क्यों उठाया? क्या उसके साथ कोई अनहोनी हुई या उसने खुद मौत को गले लगाया? इन सवालों का जवाब अभी रहस्य के पर्दे में है।पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। युवक के मोबाइल, संपर्क में रहे लोगों और घटनास्थल से मिले सुरागों की भी पड़ताल की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही इस रहस्यमय मौत की असली तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।

रिपोर्ट- दीनानाथ मौआर