‘गर्भवती करो, पैसा पाओ’ के नाम पर गंदा खेल, खेत से चल रहे 'बेबी बर्थ' स्कैम का भंडाफोड़, 5 गिरफ्तार
नालंदा पुलिस ने व्हाट्सएप के जरिए 'गर्भवती करो, पैसा लो' का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने खेतों में छापेमारी कर नाबालिग समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया।
Nalanda - साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत कतरीसराय थाना पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। महिलाओं को गर्भवती कराने पर मोटी रकम देने का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह के नाबालिग समेत पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई सुंदरपुर गांव के खेत खंदा में की गई।
थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर साइबर अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के दौरान थाना क्षेत्र के सुंदरपुर और बरीठ गांव के बीच खेत में कुछ संदिग्ध युवकों के सक्रिय होने की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने छापेमारी की। मौके से पांच लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रभात कुमार, नितीश कुमार, प्रीतम कुमार, अनिल कुमार तथा एक नाबालिग के रूप में की गई है। तलाशी के दौरान उनके पास से सात मोबाइल फोन, कई सिम कार्ड तथा अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई। पुलिस ने सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को जब्त कर जांच शुरू कर दी है।
पूछताछ में आरोपित ने बताया कि भोले-भाले लोगों को सस्ते दर पर लोन दिलाने का झांसा देते थे। इसके अलावा व्हाट्सएप के माध्यम से महिलाओं और युवतियों की तस्वीर भेजकर युवकों को गर्भवती कराने पर मोटी रकम मिलने का लालच दिया जाता था। इस बहाने उनसे पंजीकरण शुल्क, प्रोसेसिंग फीस या अन्य शुल्क के नाम पर पैसे ऐंठ लिए जाते थे। ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल और सोशल मीडिया के माध्यम से धोखाधड़ी करने की बात स्वीकार की है।
गिरोह लंबे समय से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को निशाना बना रहा था। गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक नेटवर्क और बैंक खातों की भी जांच की जा रही है। नाबालिग को किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई के लिए प्रस्तुत किया जाएगा, जबकि अन्य आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया की जा रही है।
उन्होंने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, संदेश या सोशल मीडिया लिंक पर भरोसा न करें और लालच में आकर किसी को धनराशि न भेजें। संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत स्थानीय थाना या साइबर हेल्पलाइन पर दें।
Report - pranay raj