बिहार दिवस 2026, मुजफ्फरपुर के खुदीराम बोस मैदान में तीन दिवसीय आयोजन का शुभारंभ, लोकल फॉर वोकल पर जोर

बिहार दिवस के आयोजन ने न केवल सांस्कृतिक उत्सव का रूप लिया, बल्कि लोकल फॉर वोकल उत्पादों के प्रचार-प्रसार का एक सशक्त मंच भी बन गया।

Grand inauguration of three day event at Khudiram Bose groun
लोकल फॉर वोकल - फोटो : reporter

Bihar Diwas 2026: बिहार दिवस के अवसर पर मुजफ्फरपुर के ऐतिहासिक खुदीराम बोस मैदान में तीन दिवसीय भव्य कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इस आयोजन ने न केवल सांस्कृतिक उत्सव का रूप लिया, बल्कि ‘लोकल फॉर वोकल’ उत्पादों के प्रचार-प्रसार का एक सशक्त मंच भी बन गया।

उद्घाटन समारोह में दिनेश प्रसाद सिंह, अजीत कुमार, रंजन कुमार, केदार प्रसाद गुप्ता और बेबी कुमारी सहित जिला प्रशासन के शीर्ष अधिकारी सुब्रत कुमार सेन और कांतेश कुमार मिश्र की  उपस्थिति रही।

इस तीन दिवसीय महोत्सव में विभिन्न विभागों द्वारा आकर्षक स्टॉल लगाए गए हैं, जहां सरकारी योजनाओं की जानकारी के साथ-साथ स्थानीय उत्पादों को प्रमुखता दी जा रही है। खास तौर पर ‘लोकल का भोकल’ थीम के तहत बिहार में निर्मित हस्तशिल्प, घरेलू उत्पाद और पारंपरिक वस्तुओं को प्रदर्शित किया जा रहा है, जिससे स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों को नई पहचान मिल रही है।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने आयोजन में चार चांद लगा दिए। विभिन्न विद्यालयों के बच्चों ने गीत-संगीत और नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जीवंत कर दिया। इस अवसर पर जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने कहा कि “बिहार दिवस केवल उत्सव नहीं, बल्कि संकल्प का दिन है एक ऐसा संकल्प, जिसके जरिए हम राज्य को प्रगति के नए आयाम तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित करते हैं।”

वहीं एसएसपी कांतेश कुमार मिश्र ने भी इसे जनभागीदारी का प्रतीक बताते हुए कहा कि “यह दिन हमें एकजुट होकर बिहार के विकास की दिशा में कार्य करने की प्रेरणा देता है।” विधायक अजीत कुमार ने कहा कि इस आयोजन के माध्यम से लोगों को सरकारी योजनाओं की जानकारी मिलती है और स्थानीय उत्पादों की खरीदारी कर वे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करते हैं।

नगर विधायक रंजन कुमार ने बिहार दिवस को “बिहारी अस्मिता और पहचान का प्रतीक” बताते हुए कहा कि यह केवल एक दिन नहीं, बल्कि गर्व और आत्मसम्मान का उत्सव है, जो हर बिहारी को जोड़ता है।

रिपोर्ट- मणिभूषण शर्मा