Bihar News : सिंदूरदान से पहले रुकी शादी ! मुजफ्फरपुर में 'दूल्हा बदलने' के आरोप पर मची अफरा-तफरी, बिन दुल्हन लौटी बारात
MUZAFFARPUR : जिले के बरियारपुर थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ शादी के मंडप पर सिंदूरदान की रस्म से ठीक पहले हाई वोल्टेज ड्रामा शुरू हो गया. मनियारी थाना क्षेत्र के सोनबरसा गांव से आई बारात में जयमाला तक सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन अंतिम क्षणों में लड़की पक्ष ने दूल्हे को 'मंदबुद्धि' करार देते हुए शादी करने से इनकार कर दिया. इसके बाद दुल्हन की विदाई के बजाय बारात को बिना दुल्हन के ही बैरंग वापस लौटना पड़ा.
घटना की शुरुआत तब हुई जब कपल सहनी के पुत्र रमेश सहनी गाजे-बाजे के साथ जगदीश मुखिया के घर बारात लेकर पहुंचे. दरवाजे लगने के समय भव्य स्वागत हुआ और जयमाला की रस्म भी खुशी-खुशी संपन्न की गई. अधिकांश बाराती भोजन करने के बाद अपने घरों की ओर प्रस्थान करने की तैयारी कर रहे थे और दूसरी तरफ मंडप में पंडित जी मंत्रोच्चार के साथ शादी की विधियां संपन्न करा रहे थे.
हंगामा उस समय बरपा जब सिंदूरदान की बारी आई और लड़की पक्ष के लोगों ने अचानक आरोप लगाया कि दूल्हा वह नहीं है जिसे उन्होंने पसंद किया था. परिजनों ने लड़के पक्ष पर 'दूल्हा बदलने' का गंभीर आरोप लगाया और लड़के को मानसिक रूप से कमजोर (मंदबुद्धि) बताया. इस बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि विवाह स्थल पर अफरा-तफरी मच गई और शादी की रस्में बीच में ही रोक दी गईं.
विवाद के दौरान स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि लड़की पक्ष के लोगों ने लड़के के भाई को कुछ समय के लिए बंधक बना लिया. मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय बरियारपुर थाने की पुलिस को सूचना दी गई, जिन्होंने मौके पर पहुंचकर बंधक को मुक्त कराया और दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर शांत किया. पुलिस की मौजूदगी में मामला सुलझने के बाद बाराती बिना दुल्हन लिए ही वापस चले गए.
हालांकि, इस पूरे प्रकरण के बाद क्षेत्र में कई चर्चाएं और सवाल उठ रहे हैं. सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि यदि दूल्हा बदला गया था, तो जयमाला और मंडप की अन्य रस्मों के दौरान लड़की पक्ष ने इसका विरोध क्यों नहीं किया? क्या सिंदूरदान की अंतिम घड़ी तक किसी ने भी दूल्हे के चेहरे या व्यवहार पर गौर नहीं किया था? फिलहाल, यह मामला पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है.
आशीष की रिपोर्ट