मुंगेर: पाइपलाइन बिछी पर चूल्हे अब भी ठंडे; एलपीजी की किल्लत के बीच पीएनजी की रफ्तार सुस्त

मुंगेर: पाइपलाइन बिछी पर चूल्हे अब भी ठंडे; एलपीजी की किल्लत
एलपीजी की किल्लत के बीच पीएनजी की रफ्तार सुस्त- फोटो : इम्तियाज खान

Munger : जिले में एलपीजी गैस की भारी किल्लत के बीच सरकार की हर घर तक पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) पहुँचाने की योजना धरातल पर कछुआ गति से चलती दिख रही है। मुंगेर और जमालपुर के कई इलाकों में पाइपलाइन बिछाने का काम पूरा होने के बावजूद, उपभोक्ताओं के घरों तक गैस की सीधी पहुँच अब भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। कई उपभोक्ता जहाँ आर्थिक तंगी के कारण कनेक्शन चालू कराने से कतरा रहे हैं, वहीं कई आवेदन देने के बाद भी विभाग की लेत-लतीफी से परेशान हैं।


मुंगेर और जमालपुर में पाइपलाइन का जाल, पर आपूर्ति सीमित 

आईओसीएल (IOCL) द्वारा क्षेत्र में पीएनजी बुनियादी ढांचे का तेजी से विस्तार किया जा रहा है, जिसके तहत अब तक लगभग 230 किलोमीटर मेन लाइन और 55 किलोमीटर सर्विस पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है। मुंगेर नगर निगम के 45 में से 26 वार्डों और जमालपुर के 31 वार्डों में काम चल रहा है। आंकड़ों के अनुसार, अब तक 5570 घरों में कनेक्शन तो दिए गए हैं, लेकिन इनमें से केवल 3569 घरों में ही वास्तव में गैस की आपूर्ति शुरू हो पाई है। आईओसीएल अधिकारियों के अनुसार, कई उपभोक्ता कनेक्शन लेने के बाद भी इसे सक्रिय (Active) कराने के लिए अंतिम सहमति नहीं दे रहे हैं।


आर्थिक असमर्थता और आवेदन के बाद का लंबा इंतजार 

सरकार की इस पहल को जनता का पूर्ण समर्थन नहीं मिल पाने के पीछे मुख्य कारण आर्थिक स्थिति बताई जा रही है। कई परिवारों का कहना है कि कनेक्शन के लिए एकमुश्त राशि जमा करना उनके बजट से बाहर है, इसलिए वे फिलहाल एलपीजी पर ही निर्भर हैं। दूसरी ओर, भरत कुमार और टिंकू जैसे उपभोक्ताओं ने शिकायत की है कि उनके मोहल्ले में पाइपलाइन बिछने और आवेदन देने के महीनों बाद भी एजेंसी द्वारा गैस की आपूर्ति शुरू नहीं की गई है, जिससे उन्हें रसोई गैस के लिए भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।


आईओसीएल की 59 टीमें मिशन मोड में तैनात 

जिला प्रशासन ने कंपनी अधिकारियों को हर घर तक शत-प्रतिशत पीएनजी पहुँचाने का सख्त निर्देश दिया है। आईओसीएल के जियोग्राफिकल एरिया इंचार्ज विकास कुमार तोला के अनुसार, फेज वाइज कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए वर्तमान में 59 टीमें क्षेत्र में लगातार काम कर रही हैं। कंपनी के प्रतिनिधि अब घर-घर जाकर लोगों को पीएनजी के सुरक्षा मानकों और इसके फायदों के प्रति जागरूक कर रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक लोग इसे अपनाएं।


एलपीजी से सुरक्षित और आसान विकल्प है पीएनजी 

जिन घरों में पीएनजी की आपूर्ति शुरू हो चुकी है, वहां के उपभोक्ताओं का अनुभव काफी सुखद है। उनका मानना है कि एलपीजी सिलेंडर के बार-बार बदलने के झंझट से मुक्ति मिली है और पीएनजी का उपयोग करना अधिक सुरक्षित और किफायती है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन और आईओसीएल मिलकर कब तक पाइपलाइन बिछने और गैस जलने के बीच के इस अंतर को खत्म कर पाते हैं, ताकि मुंगेरवासियों को एलपीजी की किल्लत से स्थाई राहत मिल सके।


इम्तियाज की रिपोर्ट