छात्रा को थप्पड़ मारने पर भड़का विवाद, स्कूल में घुसकर शिक्षकों के साथ मारपीट और गाली-गलौज

छात्रा को थप्पड़ मारने पर भड़का विवाद, स्कूल में घुसकर शिक्ष
स्कूल में घुसकर शिक्षकों के साथ मारपीट- फोटो : बाल मुकुंद कुमार

Bhagalpur : भागलपुर जिले के पीरपैंती प्रखंड अंतर्गत लक्ष्मीपुर गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय में बुधवार को उस समय रणक्षेत्र जैसी स्थिति बन गई, जब एक छात्रा को थप्पड़ मारने का विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। स्कूल की छुट्टी के समय शुरू हुए इस विवाद ने इतना तूल पकड़ा कि ग्रामीणों की भीड़ ने स्कूल परिसर में घुसकर शिक्षकों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की। घटना के बाद विद्यालय में अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया।


अभद्र भाषा के इस्तेमाल पर शिक्षक ने जड़ा था थप्पड़ 

प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्कूल की छुट्टी के समय राजगंज गांव की रहने वाली एक छोटी बच्ची ने शिक्षक से कथित तौर पर अभद्र भाषा में बात की थी। इस बात से नाराज होकर शिक्षक ने बच्ची को थप्पड़ मार दिया। घर पहुँचने के बाद बच्ची ने पूरी घटना की जानकारी अपने परिजनों और ग्रामीणों को दी, जिसके बाद करीब 20 से 25 लोग आक्रोशित होकर विद्यालय परिसर में पहुँच गए और हंगामा शुरू कर दिया।.


शिक्षकों के साथ हाथापाई और जान से मारने की धमकी 

आरोप है कि गांव से पहुँचे लोगों ने शिक्षक देवानंद पासवान और अन्य शिक्षकों के साथ गाली-गलौज और हाथापाई शुरू कर दी। पीड़ित शिक्षक देवानंद पासवान ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके साथ न केवल मारपीट की गई, बल्कि जातिसूचक गालियों का प्रयोग कर उन्हें अपमानित भी किया गया। उन्होंने मोहम्मद फैयाज और मोहम्मद मेहरान पर आरोप लगाया कि उन्होंने "बाहर निकलने पर गोली मार देने" की धमकी दी है।


पुलिस की दखल के बाद शांत हुआ मामला 

स्थिति को बिगड़ता देख विद्यालय के प्रधानाध्यापक मनोज कुमार ने तुरंत पीरपैंती थाना को सूचित किया। थानाध्यक्ष पंकज कुमार के निर्देश पर डायल 112 और गश्ती पुलिस की टीम मौके पर पहुँची और मामले को शांत कराया। पुलिस ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं और उचित वैधानिक कार्रवाई का भरोसा दिया। वरिष्ठ शिक्षकों के बीच-बचाव के बाद ही ग्रामीण शांत होकर स्कूल परिसर से बाहर निकले।


कड़ी कार्रवाई का आश्वासन, लिखित शिकायत का इंतजार 

थानाध्यक्ष पंकज कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि कानून हाथ में लेने वाले दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक किसी भी पक्ष की ओर से थाने में औपचारिक लिखित आवेदन नहीं दिया गया है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और आवेदन मिलते ही प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।


बालमुकुंद की रिपोर्ट