Bihar Crime : युवाओं को बुजुर्ग बनाकर पेंशन लेने के खेल का पुलिस ने किया खुलासा, एक साइबर अपराधी को किया गिरफ्तार
MOTIHARI : बिहार के मोतिहारी (पूर्वी चंपारण) में साइबर पुलिस ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ड्रीम प्रोजेक्ट 'वृद्धजन पेंशन योजना' में सेंधमारी करने वाले एक शातिर रैकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में एक साइबर अपराधी को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है, जो कम उम्र के लोगों के फर्जी दस्तावेज तैयार कर उन्हें सरकारी पेंशन दिलाने का काला कारोबार चला रहा था। गिरफ्तार आरोपी की पहचान चंदन यादव के रूप में हुई है।
फर्जी 'जन्म प्रमाण पत्र' से उम्र बढ़ाने का खेल
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि जितना, बनकटवा और पचपकड़ी थाना क्षेत्रों के कुछ युवक भंडार गांव में एक घर को ठिकाना बनाकर बड़ा खेल खेल रहे हैं। यह गिरोह कम उम्र के लोगों का फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनवाता था और फिर उसके आधार पर आधार कार्ड में उम्र बढ़वाकर उन्हें कागजों पर 'वृद्ध' बना देता था। इसके बाद इन लोगों का मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना के लिए पंजीकरण कराकर सरकारी धन का गबन किया जा रहा था।
छापेमारी में मिला इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का जखीरा
साइबर थाने की पुलिस ने पचपकड़ी थाना क्षेत्र के बशहीं गांव निवासी फेंकू यादव के घर पर छापेमारी की। मौके से पुलिस ने भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामान बरामद किया है, जिसमें आधार कार्ड, वृद्धा पेंशन के फॉर्म, फर्जी जन्म प्रमाण पत्र, लैपटॉप, फिंगरप्रिंट डिवाइस, तीन डेमो फिंगरप्रिंट, मोबाइल, वेबकैम और कैमरा शामिल हैं। इन उपकरणों का उपयोग दस्तावेज बनाने और केवाईसी (KYC) की प्रक्रिया को चकमा देने के लिए किया जाता था।
संगठित गिरोह का पर्दाफाश
साइबर डीएसपी अभिनव पाराशर ने इस ऑपरेशन की जानकारी देते हुए बताया कि यह एक संगठित गिरोह है जो सरकारी योजनाओं में फर्जी दस्तावेज तैयार कर अवैध तरीके से लाभ दिलाने का काम कर रहा था। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से भंडार गांव से चंदन यादव को दबोचा गया, जबकि गिरोह के अन्य सदस्य भागने में सफल रहे। डीएसपी ने कहा कि सरकारी खजाने को नुकसान पहुँचाने वाले ऐसे गिरोह के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है।
फरार आरोपियों की तलाश में छापेमारी जारी
गिरफ्तार आरोपी चंदन यादव से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान कर ली है। फिलहाल पुलिस संदीप यादव, सुमन यादव, फेकू यादव और धीरज यादव की तलाश में लगातार संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि अब तक कितने लोगों को फर्जी तरीके से पेंशन योजना का लाभ दिलाया गया है और इसमें किसी सरकारी कर्मचारी की संलिप्तता तो नहीं है।
हिमांशु की रिपोर्ट