Bihar News: मोतिहारी में ड्रग्स तस्करों पर पुलिस का शिकंजा, 2 साल में 100 को सजा, 500 आरोपी अब भी अंडरट्रायल

Bihar news: मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई अब सिर्फ गिरफ्तारी और बरामदगी तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि मामलों को अदालत में मजबूत पैरवी के जरिए दोषसिद्धि तक पहुंचाने पर भी जोर दिया जा रहा है।

Motihari Police Get 100 Drug Traffickers Convicted in 2 Year
ड्रग्स तस्करों पर पुलिस का शिकंजा- फोटो : reporter

Bihar news: मोतिहारी में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई अब सिर्फ गिरफ्तारी और बरामदगी तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि मामलों को अदालत में मजबूत पैरवी के जरिए दोषसिद्धि तक पहुंचाने पर भी जोर दिया जा रहा है। एसपी स्वर्ण प्रभात के नेतृत्व में पिछले दो वर्षों के दौरान एनडीपीएस एक्ट से जुड़े 100 मामलों में आरोपियों को अदालत से सजा दिलाए जाने का दावा किया गया है। वहीं, करीब 500 ड्रग्स तस्करों के मामले अभी न्यायिक प्रक्रिया में अंडरट्रायल हैं।

पुलिस की ओर से मादक पदार्थ तस्करी से जुड़े 100 सजायाफ्ता मामलों की क्रमवार विवरणी तैयार की गई है। एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज इन मामलों में न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोषसिद्धि हुई है। पुलिस के मुताबिक, यह रिकॉर्ड जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ चल रही मुहिम और कानूनी कार्रवाई की तस्वीर पेश करता है।

एसपी स्वर्ण प्रभात के नेतृत्व में पुलिस ने नशे के कारोबार पर शिकंजा कसने के लिए लगातार अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान तस्करों की गिरफ्तारी, मादक पदार्थों की बरामदगी के साथ अनुसंधान और अभियोजन पक्ष की पैरवी को भी अहमियत दी गई। पुलिस का मानना है कि एनडीपीएस के मामलों में सिर्फ गिरफ्तारी पर्याप्त नहीं है, बल्कि साक्ष्यों को सुरक्षित रखना, अनुसंधान की गुणवत्ता बनाए रखना और अदालत में प्रभावी पैरवी करना भी उतना ही जरूरी है।

100 मामलों में दोषसिद्धि को इसी कड़ी में महत्वपूर्ण उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है। वहीं करीब 500 आरोपी अभी अंडरट्रायल हैं, जिनके मामलों में न्यायिक प्रक्रिया जारी है। इन मामलों का अंतिम फैसला अदालत में साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर होगा।

पुलिस ने युवाओं से भी नशे की तस्करी के जाल में नहीं फंसने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि मादक पदार्थों का अवैध कारोबार युवाओं और समाज की सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती है। ऐसे में तस्करों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के साथ लोगों को नशे के दुष्परिणाम और कानूनी प्रावधानों के प्रति जागरूक करना भी जरूरी है।

रिपोर्ट- हिमांशु कुमार