Bihar News : मोतिहारी में 13 साल तक फर्जी डिग्री पर 'गुरुजी' बनकर सरकार को दिया धोखा, अब पुलिस ने गिरफ्तार कर भेजा जेल

Bihar News : 13 साल तक गुरूजी बनकर एक शख्स सरकार को धोखा देता रहा. इसका खुलासा होने के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है......पढ़िए आगे

Bihar News : मोतिहारी में 13 साल तक फर्जी डिग्री पर 'गुरुजी'
गुरूजी बनकर धोखा - फोटो : SOCIAL MEDIA

MOTIHARI : पूर्वी चंपारण जिले के पताही थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर शिक्षक की नौकरी पाने वाले एक जालसाज को गिरफ्तार किया है। आरोपी शिक्षक पिछले 13 वर्षों से विभाग की आंखों में धूल झोंककर सरकारी वेतन उठा रहा था। निगरानी विभाग की जांच में जब उसके मैट्रिक और इंटर के सर्टिफिकेट फर्जी पाए गए, तब जाकर इस बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।

गिरफ्तार शिक्षक की पहचान फेनहारा थाना क्षेत्र के मनकरवा गांव निवासी सुबोध कुमार सिंह के रूप में हुई है। सुबोध की नियुक्ति वर्ष 2010 में गोनाही पंचायत में पंचायत शिक्षक के रूप में हुई थी और वह वर्तमान में प्राथमिक विद्यालय मुजिया में पदस्थापित था। निगरानी विभाग द्वारा जब शिक्षकों के दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया शुरू हुई, तो सुबोध के अंकपत्र और प्रमाण पत्र जाली पाए गए।

इस मामले में निगरानी विभाग के डीएसपी गोपाल कृष्ण के आवेदन पर पताही थाना में कांड संख्या 120/23 दर्ज कराई गई थी। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद से ही आरोपी शिक्षक फरार चल रहा था और पुलिस को उसकी तलाश थी। निगरानी विभाग ने अपनी जांच में पाया कि सुबोध ने न केवल गलत तरीके से नौकरी हासिल की, बल्कि एक दशक से अधिक समय तक सरकारी राजस्व को भी चूना लगाया।

पताही थानाध्यक्ष बबन कुमार ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि आरोपी अपने गांव आया हुआ है। सूचना के आधार पर पुलिस की एक विशेष टीम ने मनकरवा गांव में छापेमारी कर उसे उसके घर से दबोच लिया। थानाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार और जालसाजी के खिलाफ यह कार्रवाई एक कड़ा संदेश है कि कानून से ज्यादा समय तक बचा नहीं जा सकता। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी शिक्षक से आवश्यक पूछताछ की और उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इस खुलासे के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। निगरानी विभाग अब यह भी जांच कर रहा है कि इस फर्जीवाड़े में विभाग के कुछ अन्य कर्मियों या बिचौलियों की संलिप्तता तो नहीं थी। 

हिमांशु की रिपोर्ट