दारोगा जी का नया ‘स्वैग’: कमर छोड़ पीछे पिस्टल टांगने का अनोखा अंदाज वायरल, चर्चा और मजाक का बना विषय
Bihar News : मधेपुरा जिले के एक दारोगा साहब की तस्वीर इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोर रही है। वायरल तस्वीर में दरोगाजी अपनी सरकारी पिस्टल को निर्धारित नियम के तहत कमर के होल्स्टर में रखने के बजाय, पैंट के पीछे बेहद अजीब तरीके से रखे हुए
Madhepura : जिले से पुलिस महकमे की कार्यशैली और अनुशासन पर सवाल खड़े करती एक बेहद दिलचस्प और हैरान करने वाली तस्वीर सामने आई है। यहां एक दारोगा (सब-इंस्पेक्टर) साहब की तस्वीर इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोर रही है। वायरल तस्वीर में पुलिस अधिकारी अपनी सरकारी पिस्टल को निर्धारित नियम के तहत कमर के होल्स्टर (कवर) में रखने के बजाय, पैंट के पीछे बेहद अजीब और असुरक्षित अंदाज में खोंसे हुए नजर आ रहे हैं।
स्कॉर्पियो के पास ‘स्टाइलिश’ अंदाज में दिखे दारोगा:
जानकारी के अनुसार, वायरल हो रही यह तस्वीर सड़क किनारे खड़ी एक सफेद रंग की स्कॉर्पियो गाड़ी के पास की है। गाड़ी के पास खड़े दारोगा जी सुरक्षा और नियमों को ताक पर रखकर नए 'स्टाइल' में अपनी पिस्टल का प्रदर्शन करते दिख रहे हैं। इंटरनेट पर यह तस्वीर जैसे ही सामने आई, लोगों के बीच यह कौतूहल का विषय बन गई। अब यह नया तरीका मधेपुरा सहित पूरे प्रदेश में चर्चा और मजाक दोनों का सबब बन चुका है।
सुरक्षा मानकों और पुलिस मैनुअल की उड़ी धज्जियां:
इस वायरल तस्वीर के सामने आने के बाद प्रबुद्ध नागरिकों और सोशल मीडिया यूजर्स द्वारा पुलिस की लापरवाही पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि सुरक्षा उपकरणों और घातक हथियारों को लेकर इस तरह की घोर लापरवाही किसी बड़ी दुर्घटना को निमंत्रण दे सकती है। पुलिस मैनुअल में हथियारों के रख-रखाव, सुरक्षा और उनके इस्तेमाल को लेकर बेहद कड़े और स्पष्ट नियम तय किए गए हैं, लेकिन यहाँ नियमों से ज्यादा दारोगा जी का "फिल्मी स्टाइल" हावी दिख रहा है।
आम जनता ले रही चुटकी—'दारोगा जी का नया फैशन':
स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर नाराजगी और अचरज दोनों है कि जब कानून के रखवाले ही हथियार रखने के बुनियादी नियमों को इतने हल्के में लेंगे, तो आम जनता के बीच इसका क्या संदेश जाएगा। वहीं दूसरी ओर, सोशल मीडिया पर लोग इस तस्वीर को मीम्स (Memes) बनाकर साझा कर रहे हैं। कई यूजर्स इसे “दारोगा जी का नया फैशन” और "सिंघम अवतार" बताकर पुलिसिया रौब पर जमकर चुटकी और मजे ले रहे हैं।
विभागीय कार्रवाई की उठ रही मांग:
सार्वजनिक स्थल पर सर्विस वेपन (सरकारी हथियार) के साथ इस तरह का खिलवाड़ सुरक्षा के दृष्टिकोण से बेहद संवेदनशील माना जा रहा है। पीछे लगी पिस्टल को भीड़भाड़ वाले इलाके में कोई भी आसानी से निकाल सकता है या वह अचानक गिरकर मिसफायर भी हो सकती है। यही वजह है कि अब स्थानीय स्तर पर लोग मधेपुरा के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से इस मामले का संज्ञान लेने और नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले इस अधिकारी पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की मांग कर रहे हैं।
धीरज परासर की रिपोर्ट