लखीसराय में निगरानी विभाग की कार्रवाई, रिश्वत की रकम के साथ BPRO गिरफ्तार, टांग कर ले गई विजिलेंस

कार्रवाई के दौरान निगरानी टीम ने BPRO ब्रजेश कुमार को 28 हजार रुपये के साथ पकड़ लिया और अपने साथ ले गई। ब्रजेश कुमार चानन प्रखंड में BPRO के अतिरिक्त प्रभार में कार्यरत थे।

Chanan BPRO Brajesh Kumar Arrested
Chanan BPRO Brajesh Kumar Arrested- फोटो : news4nation

Bihar News :  लखीसराय के चानन प्रखंड कार्यालय में मंगलवार को निगरानी विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी (BPRO) ब्रजेश कुमार को कथित तौर पर 28 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई मंगलवार दोपहर करीब दो बजे हुई। अधिकारी की गिरफ्तारी की खबर मिलते ही प्रखंड कार्यालय परिसर में हड़कंप मच गया।


बताया जा रहा है कि 15वें वित्त आयोग की योजना के तहत सोलर लाइट लगाने के भुगतान के एवज में कमीशन मांगने की शिकायत निगरानी विभाग को मिली थी। शिकायत के आधार पर पहले मामले का सत्यापन किया गया। आरोप की पुष्टि होने के बाद टीम ने मंगलवार को चानन प्रखंड कार्यालय पहुंचकर कार्रवाई की।


कार्रवाई के दौरान निगरानी टीम ने BPRO ब्रजेश कुमार को 28 हजार रुपये के साथ पकड़ लिया और अपने साथ ले गई। ब्रजेश कुमार चानन प्रखंड में BPRO के अतिरिक्त प्रभार में कार्यरत थे। उनका मूल पदस्थापन हलसी प्रखंड में बताया गया है। मामले की पुष्टि करते हुए चानन के BDO श्रवण कुमार पांडेय ने बताया कि आर्थिक अपराध इकाई की ओर से कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि उन्हें मामले की विस्तृत जानकारी नहीं है, इसलिए वह फिलहाल ज्यादा जानकारी देने की स्थिति में नहीं हैं।


वहीं, चानन थानाध्यक्ष उज्ज्वल कुमार सिंह ने बताया कि कार्रवाई की जानकारी थाना को दी गई है। मामले में विस्तृत जानकारी संबंधित निगरानी टीम की ओर से ही स्पष्ट की जाएगी।


मुखिया से विवाद की भी चर्चा

कार्रवाई के बीच BPRO ब्रजेश कुमार और महेशलेटा पंचायत के मुखिया के बीच विवाद की भी चर्चा सामने आई है। बताया जा रहा है कि इस विवाद से संबंधित शिकायत उप विकास आयुक्त (DDC) तक भी पहुंची थी। कार्रवाई के पीछे महेशलेटा पंचायत के मुखिया पति राम नारायण साव उर्फ पप्पू साव के आवेदन का भी जिक्र किया जा रहा है।


हालांकि, निगरानी विभाग की कार्रवाई के वास्तविक कारण और शिकायत में लगाए गए आरोपों की आधिकारिक स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। गिरफ्तार अधिकारी से पूछताछ और आगे की कार्रवाई के बाद पूरे मामले की तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।

कमलेश की रिपोर्ट