कटिहार में स्मैक तस्करी के बड़े रैकेट का पर्दाफाश: पूर्व मंत्री का बेटा 102 ग्राम स्मैक के साथ गिरफ्तार, मालदा से जुड़े हैं तार
कटिहार जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है। जहां स्मैक की तस्करी करते दो शातिर तस्करों को गिफ्तार किया गया है। इस मामले में सबसे बड़ी बात यह है कि गिरफ्तार तस्करों मे एक बिहार के पूर्व मंत्री व पूर्व सांसद का बेटा शामिल है....
Katihar : जिले की फलका थाना पुलिस ने मादक पदार्थों के काले कारोबार के खिलाफ एक बड़ी और चौंकाने वाली कार्रवाई की है। पुलिस ने निसुन्धरा पुल के समीप घेराबंदी कर एक अंतर-जिला स्मैक तस्कर गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो शातिर तस्करों को 102.79 ग्राम स्मैक के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस पूरे मामले में सबसे सनसनीखेज बात यह सामने आई है कि गिरफ्तार तस्करों में से एक बिहार सरकार के पूर्व मंत्री व अररिया के पूर्व सांसद रामजी ऋषिदेव का पुत्र सुनील कुमार है, जो वर्तमान में खुद एक सरकारी पद (रोजगार सेवक) पर तैनात है। पुलिस ने आरोपियों के पास से स्मैक के अलावा बिना नंबर की एक महंगी स्पोर्ट्स बाइक भी जब्त की है।
गुप्त सूचना पर फलका पुलिस ने निसुन्धरा पुल के पास बिछाया जाल
कटिहार के पुलिस अधीक्षक (एसपी) शिखर चौधरी ने मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि जिला पुलिस को एक पुख्ता गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना के मुताबिक, देर शाम फलका थाना क्षेत्र के अंतर्गत निसुन्धरा पुल के पास भारी मात्रा में स्मैक की खरीद-बिक्री और डील होने वाली थी। इस इनपुट पर त्वरित कार्रवाई करते हुए स्थानीय फलका थाना पुलिस की एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसने मौके पर पहुँचकर रणनीतिक नाकेबंदी की और जैसे ही तस्कर वहां लेन-देन के लिए जुटे, पुलिस ने उन्हें चारों तरफ से घेरकर दबोच लिया।
पूर्व सांसद व मंत्री का बेटा निकला स्मैक तस्कर, अररिया में है रोजगार सेवक
पुलिस कस्टडी में की गई शुरुआती पूछताछ के दौरान जब तस्करों की कुंडली खंगाली गई, तो बड़े खुलासे हुए। गिरफ्तार मुख्य आरोपी सुनील कुमार ने कबूल किया कि वह बिहार सरकार के पूर्व मंत्री और अररिया लोकसभा क्षेत्र के पूर्व सांसद रामजी ऋषिदेव का बेटा है। वीआईपी बैकग्राउंड होने के साथ-साथ वह खुद सिस्टम का हिस्सा है और वर्तमान में अररिया जिले में 'रोजगार सेवक' के पद पर सरकारी नौकरी कर रहा है। रसूखदार परिवार से ताल्लुक रखने वाले सरकारी कर्मी की इस घिनौने धंधे में संलिप्तता सामने आने के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।
पश्चिम बंगाल के मालदा से बिहार पहुंच रही थी स्मैक की बड़ी खेप
एसपी शिखर चौधरी ने बताया कि यह गिरोह बेहद शातिराना अंदाज में अंतर-जिला और अंतर-राज्यीय स्तर पर ड्रग्स की तस्करी को अंजाम दे रहा था। पूछताछ के क्रम में यह बात साफ हुई है कि गिरफ्तार तस्करों में से एक आरोपी विशेष रूप से पश्चिम बंगाल के मालदा से स्मैक की इस बड़ी खेप की सप्लाई देने के लिए कटिहार पहुँचा हुआ था। मालदा से बिहार के अलग-अलग जिलों में फैले इस नेटवर्क के जरिए युवाओं को नशे के जाल में धकेला जा रहा था, जिस पर पुलिस ने इस कार्रवाई से करारी चोट की है।
महंगी स्पोर्ट्स बाइक जब्त, कई और बड़े सफेदपोशों के नाम आए सामने
पुलिस ने तस्करों की तलाशी के दौरान उनके पास से कुल 102.79 ग्राम उच्च गुणवत्ता वाली स्मैक बरामद की है, जिसकी बाजार में कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है। इसके साथ ही, तस्करी के काम में इस्तेमाल की जा रही बिना रजिस्ट्रेशन नंबर की एक महंगी स्पोर्ट्स बाइक भी पुलिस ने जब्त की है। पुलिस कप्तान ने बताया कि तस्करों से की जा रही कड़ाई से पूछताछ में इस रैकेट से जुड़े कई अन्य रसूखदार और बड़े नाम सामने आए हैं, जो पर्दे के पीछे से इस सिंडिकेट को ऑपरेट कर रहे थे।
नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए पुलिस की छापेमारी तेज
कटिहार पुलिस ने गिरफ्तार दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) के तहत सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और उन्हें जेल भेजने की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। एसपी ने स्पष्ट किया है कि नशे के इस कारोबार को जिला स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पूछताछ में सामने आए अन्य सह-आरोपियों और सप्लायरों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विशेष टीमें संभावित ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही हैं, ताकि इस पूरे स्मैक नेटवर्क को जड़ से उखाड़ा जा सके।
श्याम की रिपोर्ट