Bihar Flood: बाढ़ में सियासत से अलग दिखी सेवा की तस्वीर, नाव से राहत लेकर पहुंच रहे लोग

Bihar Flood: बिहार में बाढ़ का पानी अब धीरे-धीरे उतरने लगा है, लेकिन कटिहार के मनिहारी के कई इलाकों में लोगों की मुश्किलें अभी खत्म नहीं हुई हैं।...

Katihar Flood Rajesh Yadav Takes Relief to Victims by Boat
बाढ़ में सियासत से अलग दिखी सेवा की तस्वीर- फोटो : reporter

Bihar Flood: बिहार में बाढ़ का पानी अब धीरे-धीरे उतरने लगा है, लेकिन कटिहार के मनिहारी के कई इलाकों में लोगों की मुश्किलें अभी खत्म नहीं हुई हैं। जलस्तर में कमी के बावजूद दूर-दराज के इलाकों में भोजन, सूखा राशन और मवेशियों के चारे की जरूरत बनी हुई है। ऐसे वक्त में मनिहारी नगर पंचायत के मुख्य पार्षद राजेश कुमार उर्फ ‘लाखों यादव’ की ओर से निजी स्तर पर राहत पहुंचाने की पहल सामने आई है।राजेश कुमार, जो राजद से जुड़े हैं, बाढ़ प्रभावित इलाकों तक नाव के जरिए पहुंच रहे हैं। उनके साथ सूखा राशन के अलावा मवेशियों के लिए चारा भी है। बताया गया है कि राहत सामग्री उनके निजी कोष से जुटाई जा रही है और जरूरतमंद परिवारों के बीच इसका वितरण किया जा रहा है।

इस पहल की खास बात यह है कि राहत अभियान को राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से अलग रखते हुए जरूरतमंदों तक मदद पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है। राजेश कुमार का कहना है कि लोकतंत्र में राजनीति का मकसद जनसेवा भी है और आपदा के समय सत्ता पक्ष के साथ विपक्ष की भी जिम्मेदारी बनती है कि वह लोगों की जरूरत के वक्त उनके बीच खड़ा हो।

मनिहारी में बाढ़ के दौरान राहत व्यवस्था को लेकर पहले भी अलग-अलग तरह की तस्वीरें सामने आती रही हैं। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार जलस्तर में कमी के बावजूद कई प्रभावित इलाकों में आवागमन, भोजन और पशुचारे जैसी समस्याएं बनी हुई हैं। प्रशासन की ओर से भी मनिहारी समेत कटिहार के विभिन्न हिस्सों में नाव, सामुदायिक रसोई, सूखा राशन और पशुचारे के जरिए राहत पहुंचाने की जानकारी दी गई है।

ऐसे में निजी स्तर पर राहत लेकर नाव से सुदूर बाढ़ प्रभावित इलाकों तक पहुंचने की तस्वीर लोगों का ध्यान खींच रही है। स्थानीय लोगों की ओर से इस पहल की सराहना किए जाने की बात कही जा रही है। राजेश कुमार दूसरों से भी आपदा की इस घड़ी में राजनीतिक मतभेद से ऊपर उठकर जरूरतमंदों की मदद करने की अपील कर रहे हैं।बाढ़ का पानी भले ही घट रहा हो, लेकिन पीड़ित परिवारों की जिंदगी अभी सामान्य नहीं हुई है। ऐसे में राहत की यह तस्वीर बताती है कि आपदा के समय राजनीतिक पहचान से इतर स्थानीय स्तर पर मानवीय सहयोग भी प्रभावित परिवारों के लिए अहम सहारा बन सकता है।

रिपोर्ट- श्याम कुमार सिंह