Bihar News : कैमूर में कोहरे का कहर, ट्रेन की चपेट में आने से दो सगे भाइयों की हुई दर्दनाक मौत, बरेज गांव में पसरा मातम
KAIMUR : पंडित दीनदयाल उपाध्याय-गया रेलखंड पर मंगलवार की सुबह एक बड़ा हादसा हो गया, जिसमें दो सगे भाइयों की जान चली गई। घटना भभुआ रोड और मुठानी रेलवे स्टेशन के बीच बरेज गांव के समीप डीएफसी (DFC) ट्रैक पर हुई। घने कोहरे के कारण दृश्यता कम होने की वजह से दोनों भाई आ रही ट्रेन की आहट नहीं समझ सके और उसकी चपेट में आ गए। इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
मृतक भाइयों की पहचान मोहनिया थाना क्षेत्र के बरेज गांव निवासी मदन साह के पुत्रों के रूप में हुई है। बड़ा भाई प्रिंस कुमार (24 वर्ष) और छोटा भाई रोहित कुमार (22 वर्ष) मंगलवार सुबह करीब 7:00 बजे अपने घर से खेतों की ओर टहलने निकले थे। रेल पटरियों के एक तरफ गांव और दूसरी तरफ खेती की जमीन होने के कारण ग्रामीणों का यहाँ से रोजाना आना-जाना लगा रहता है, लेकिन आज का घना कुहासा इन दोनों होनहार युवाओं के लिए काल बन गया।
हादसे की जानकारी मिलते ही घटनास्थल पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। सूचना पाकर आरपीएफ (RPF) और मोहनिया थाना की पुलिस भी मौके पर पहुँची। पुलिस ने क्षत-विक्षत अवस्था में पड़े दोनों शवों को अपने कब्जे में लिया। प्रारंभिक जांच और जरूरी कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद, पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भभुआ भेज दिया है। एक ही घर के दो चिरागों के बुझने से गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है।
स्थानीय ग्रामीणों में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश और दुख देखा जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि रेलवे लाइन पार करना उनकी मजबूरी है क्योंकि उनके खेत पटरी के दूसरी ओर हैं। कोहरे के दिनों में यहाँ अक्सर जान का जोखिम बना रहता है। ग्रामीणों ने रेल प्रशासन और सरकार से पुरजोर मांग की है कि बरेज गांव के समीप या तो अंडरपास (Underpass) बनाया जाए या ओवरब्रिज (ROB) का निर्माण कराया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी अनहोनी की पुनरावृत्ति न हो।
हादसे के बाद रेलवे ट्रैक पर काफी समय तक अफरा-तफरी का माहौल रहा। आरपीएफ और स्थानीय पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद ट्रैक को सुचारू कराया और भीड़ को वहां से हटाया। पुलिस अधिकारियों ने ठंड और कोहरे के मौसम में रेलवे ट्रैक पार करते समय विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। फिलहाल, मदन साह के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, जिन्होंने एक साथ अपने दोनों जवान बेटों को खो दिया है।
देवब्रत की रिपोर्ट