नीट छात्रा की संदिग्ध मौत मामले में आरोपी हॉस्टल मालिक मनीष रंजन को करारा झटका, जमानत याचिका हुई ख़ारिज

पटना के शम्भू गर्ल्स हॉस्टल में रहकर मेडिकल की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई थी। इस घटना के सामने आने के बाद पूरे बिहार में बवाल देखने को मिल रहा है। पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को भी गिरफ्तार किया है।

नीट छात्रा की संदिग्ध मौत मामले में आरोपी हॉस्टल मालिक मनीष

Sahambhu girls hostel :  पटना में नीट की तैयारी कर रही  जहानाबाद  की छात्रा  की संदिग्ध मौत मामले में मुख्य आरोपियों में से एक, हॉस्टल मालिक मनीष रंजन को अदालत से करारा झटका लगा है. पटना की प्रथम श्रेणी की न्यायिक दंडाधिकारी प्रियंका कुमारी की अदालत ने मनीष रंजन की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए उसे सिरे से खारिज कर दिया. अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मनीष रंजन को फिलहाल राहत देने से साफ इनकार कर दिया है. कोर्ट ने कहा- मामला बेहद गंभीर सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की ओर से लंबी दलीलें पेश की गईं. मनीष रंजन के वकील ने अपना पक्ष रखते हुए जमानत की गुहार लगाई, लेकिन सरकारी वकील और पीड़िता के पक्ष ने इसका कड़ा विरोध किया. दलीलों को सुनने के बाद न्यायिक दंडाधिकारी प्रियंका कुमारी ने टिप्पणी की कि छात्रा की मौत का यह मामला अत्यंत गंभीर प्रकृति का है और जांच के इस पड़ाव पर आरोपी को जमानत नहीं दी जा सकती.

क्या है पूरा मामला

दरअसल, पटना में रहकर मेडिकल की तैयारी कर रही छात्रा की कुछ दिन पहले शम्भू गर्ल्स हॉस्टल में नीट की तैयारी कर रही थी, जिसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। इस घटना ने न सिर्फ छात्र-छात्राओं बल्कि पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया था। मामले के सामने आने के बाद संवेदना के माता-पिता ने हॉस्टल प्रबंधन पर लापरवाही और गंभीर आरोप लगाए थे। परिजनों का आरोप है कि उनकी बेटी के साथ कोई दुर्व्यहवार हुआ है और मौत सामान्य नहीं है। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की है। पुलिस ने शुरुआत से ही इस मामले को नींद की दवा के ओवरडोज और आत्महत्या से जोड़ने की कोशिश करती रही, जबकि पीएमसीएच की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यौन हिंसा और जबरन संघर्ष के संकेत मिले हैं.

कब हुआ 

बीते 6 जनवरी को यह मामला सामने आया, जिसके बाद धीरे-धीरे इसने तूल पकड़ लिया। घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया। पीड़िता की हालत लगातार गंभीर होती चली गई, जिसके बाद परिजन बेहतर इलाज के लिए छात्रा को मेदांता अस्पताल लेकर गए। मेदांता में इलाज के दौरान छात्रा की हालत में कोई सुधार नहीं हो सका और आखिरकार उसकी मौत हो गई। छात्रा की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। गुस्साए परिजनों ने पूरे मामले को लेकर गंभीर आरोप लगाए और न्याय की मांग शुरू कर दी। मौत के बाद परिजनों ने चित्रगुप्त थाना पहुंचकर मामला दर्ज कराया। परिजनों का आरोप है कि समय पर उचित कार्रवाई और इलाज होता तो छात्रा की जान बच सकती थी। फिलहाल पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, इस मामले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी सवाल उठने लगे हैं।

अब तक इस मामले में क्या हुआ 

फिलहाल, पुलिस इस केस की जांच में जुटी हुई है और कोर्ट के फैसले के बाद आरोपी हॉस्टल मालिक की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। हालांकि नीट छात्रा मौत मामले में SIT जांच चल रही है. अब तक की जांच रिपोर्ट को एसआईटी ने बिहार के DGP विनय कुमार को सौंप दिया है. सूत्रों के अनुसार, छात्रा हत्या मामले में क्या-क्या तथ्य सामने आए. किन-किन लोगों से पूछताछ हुई है और क्या दस्तावेज जब्त किए गए हैं. इसके अलावा अस्पताल की जांच, सहज सर्जरी क्लिनिक, प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल शंभु हॉस्टल, पटना से जहानाबाद में अबतक जब्त की गई सीसीटीवी फुटेज भी सौंपी गई है.