Cabinet Decision : सम्राट कैबिनेट ने सासामुसा चीनी मिल के किसानों के लिए 42.99 करोड़ रुपये की दी मंजूरी, विधायक अमरेंद्र पाण्डेय ने सरकार का जताया आभार

Cabinet Decision कुचायकोट विधायक अमरेंद्र कुमार पाण्डेय की पहल पर सासामुसा चीनी मिल से जुड़े किसानों के बकाया भुगतान को मंजूरी मिल गई है। कैबिनेट की बैठक में 43 करोड़ रूपये की मंजूरी दी गयी है.....पढ़िए आगे

Cabinet Decision : सम्राट कैबिनेट ने सासामुसा चीनी मिल के कि
रंग लायी विधायक की पहल - फोटो : SOCIAL MEDIA

GOPALGANJ : बिहार के गोपालगंज जिले के गन्ना किसानों के लिए राहत की एक बड़ी और बेहद महत्वपूर्ण घोषणा सामने आई है। जिले के कुचायकोट विधानसभा क्षेत्र से विधायक अमरेंद्र कुमार पाण्डेय उर्फ पप्पू पाण्डेय की विशेष पहल पर सासामुसा चीनी मिल से जुड़े हजारों गन्ना किसानों के लंबे समय से लंबित बकाया भुगतान को आखिरकार सरकार की मंजूरी मिल गई है। इस फैसले से गन्ना उत्पादक किसानों को बहुत बड़ी सौगात मिली है।

इस मामले में कुचायकोट विधायक अमरेंद्र कुमार पाण्डेय की सक्रियता रंग लाई और उनके प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सासामुसा चीनी मिल के किसानों की बकाया राशि के रूप में 42 करोड़ 99 लाख 9 हजार 95 रुपये जारी करने की वित्तीय स्वीकृति दे दी है। राज्य सरकार द्वारा लिया गया यह बड़ा फैसला उन किसानों के लिए संजीवनी साबित होगा, जो लंबे समय से अपनी गाढ़ी कमाई के भुगतान का इंतजार कर रहे थे।

राजधानी पटना में आयोजित कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस प्रस्ताव पर मुहर लगाई। इसके साथ ही उन्होंने गन्ना उद्योग विभाग को पूरी राशि जल्द से जल्द पारदर्शी तरीके से जारी करने का कड़ा निर्देश दिया है। सरकार के इस ऐतिहासिक और किसान-हितैषी फैसले के बाद पूरे गोपालगंज जिले के गन्ना किसानों के बीच खुशी और जश्न का माहौल व्याप्त हो गया है।

सफलतापूर्वक भुगतान मंजूर कराने के बाद स्थानीय विधायक अमरेंद्र कुमार पाण्डेय ने इस त्वरित और जनहितैषी निर्णय के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के प्रति अपना गहरा आभार व्यक्त किया है। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि अन्नदाताओं और किसानों के हितों की रक्षा करना हमेशा से उनकी राजनीतिक प्राथमिकता रही है। उन्होंने संकल्प दोहराया कि भविष्य में भी किसानों से जुड़े हर छोटे-बड़े मुद्दों को वे सरकार के समक्ष इसी तरह मजबूती से उठाते रहेंगे।

निश्चित रूप से, बिहार सरकार के इस संवेदनशील फैसले से गोपालगंज और इसके आस-पास के क्षेत्रों के हजारों गन्ना किसानों को बहुत बड़ी आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है। आर्थिक रूप से समृद्ध होने के साथ-साथ इस क्षेत्र की कृषि आधारित ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी एक नई गति और मजबूती मिलेगी। किसानों का कहना है कि समय पर भुगतान मिलने से वे अगली फसल के लिए और अधिक प्रोत्साहित होंगे।

नमो नारायण की रिपोर्ट