Bihar Crime : गोपालगंज में साइबर ठगों ने सरकारी डॉक्टर का Whatsapp किया हैक, परिचितों से की 40 हज़ार रूपये की ठगी

Bihar Crime : गोपालगंज में शातिर ठगों ने डॉक्टर का व्हाट्सएप (WhatsApp) अकाउंट हैक कर लिया और उनके करीबियों से इमरजेंसी व मदद के नाम पर पैसों की मांग कर डाली.......पढ़िए आगे

Bihar Crime : गोपालगंज में साइबर ठगों ने सरकारी डॉक्टर का Wh
डॉक्टर से ठगी - फोटो : NAMO NARAYAN

GOPALGANJ : गोपालगंज में साइबर अपराधियों ने एक बार फिर लोगों को निशाना बनाया है। इस बार सदर अस्पताल में कार्यरत डॉक्टर ही साइबर ठगों के जाल में फंस गए। अपराधियों ने डॉक्टर का व्हाट्सएप अकाउंट हैक कर उनके परिचितों से मदद के नाम पर पैसे मांग लिए। कुछ लोगों ने यूपीआई के जरिए कुल 40 हजार रुपये ट्रांसफर भी कर दिए। पीड़ित डॉक्टर ने साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराते हुए कार्रवाई की मांग की है। मामला गोपालगंज सदर अस्पताल में कार्यरत डॉ. संतोष कुमार से जुड़ा है। डॉ. संतोष कुमार के अनुसार, शाम उनके मोबाइल पर एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को ब्लू डार्ट एक्सप्रेस का एजेंट बताते हुए कहा कि उनका एक बैंक से संबंधित पार्सल आया है और डिलीवरी के लिए एक दूसरे नंबर पर संपर्क करने को कहा। डॉक्टर ने बताए गए नंबर पर कॉल किया। इसके कुछ ही देर बाद उनके मोबाइल पर एक व्हाट्सएप मैसेज आया और देखते ही देखते उनका व्हाट्सएप अकाउंट हैक हो गया।

डॉक्टर का आरोप है कि व्हाट्सएप हैक होने के बाद करीब 15 से 20 मिनट तक उनके मोबाइल की कॉल सिस्टम भी प्रभावित रही। फोन पर कॉल तो आ रही थी, लेकिन उन्हें दिखाई नहीं दे रही थी। इसी दौरान साइबर अपराधियों ने उनके व्हाट्सएप अकाउंट से जुड़े सभी परिचितों को इमरजेंसी और मदद के नाम पर पैसे भेजने का मैसेज भेजना शुरू कर दिया। कई लोगों ने डॉक्टर को मुसीबत में समझकर यूपीआई के जरिए पैसे भी ट्रांसफर कर दिए।

पीड़ित डॉक्टर के मुताबिक, साइबर ठगों ने परिचितों से करीब 40 हजार रुपये की ठगी की। इसके बाद अपराधियों ने खुद को ब्लू डार्ट एक्सप्रेस का एजेंट बताते हुए दोबारा पैसे की मांग भी की। जब परिचितों को शक हुआ और डॉक्टर से संपर्क करने की कोशिश की गई, तब पूरे मामले का खुलासा हुआ। इसके बाद डॉक्टर ने तुरंत साइबर थाने पहुंचकर लिखित आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज कराई। साइबर थाने को डॉक्टर ने बताया की "मेरे पास एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने कहा कि वह ब्लू डार्ट से बोल रहा है और मेरा एक पार्सल आया है। उसने एक दूसरा नंबर देकर उस पर कॉल करने को कहा। मैंने जैसे ही उस नंबर पर कॉल किया, उसके बाद मेरे मोबाइल पर व्हाट्सएप से संबंधित एक मैसेज आया और मेरा व्हाट्सएप हैक हो गया। लगभग 15-20 मिनट तक मेरे फोन की कॉल भी प्रभावित रही। इस दौरान मेरे सभी व्हाट्सएप कॉन्टैक्ट्स को मदद के नाम पर पैसे मांगने के मैसेज भेजे गए। कुछ लोगों ने पैसे भी भेज दिए। अब तक करीब 40 हजार रुपये की ठगी की जानकारी मिली है। मैंने साइबर थाने में आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है।"

फिलहाल साइबर थाना पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि ठगी की रकम किस यूपीआई खाते में भेजी गई और उसके पीछे कौन लोग शामिल हैं। साथ ही लोगों से अपील की जा रही है कि किसी भी परिचित के नाम से पैसे मांगने वाला संदेश मिलने पर पहले फोन कर उसकी पुष्टि जरूर करें और किसी भी अनजान कॉल, लिंक या ओटीपी के झांसे में न आएं। गोपालगंज में डॉक्टर के साथ हुई इस साइबर ठगी की घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि साइबर अपराधी अब आम लोगों के साथ-साथ डॉक्टर, अधिकारी और अन्य पेशेवरों को भी निशाना बना रहे हैं। ऐसे में थोड़ी सी सतर्कता ही इस तरह की ठगी से बचाव का सबसे बड़ा उपाय है।

नमो नारायण की रिपोर्ट