स्टेट हाईवे 69 से जुड़ने वाला मुख्य मार्ग गड्ढों में तब्दील, तंग आकर ग्रामीणों ने सड़क पर की धान की रोपनी

जर्जर सड़क को लेकर गयाजी गुरारू प्रखंड अंतर्गत रौना गांव में ग्रामीणों ने विरोध का एक अनोखा तरीका अपनाया। दर्जनों महिला और पुरुषों ने सड़क पर जमे पानी और कीचड़ के बीच उतरकर धान की रोपनी की.......

स्टेट हाईवे 69 से जुड़ने वाला मुख्य मार्ग गड्ढों में तब्दील,
जर्जर सड़क से परेशान ग्रामीणों ने सड़क पर की धान की रोपनी- फोटो : मनोज कुमार

Gayaji : जिले के गुरारू प्रखंड अंतर्गत रौना गांव में ग्रामीणों ने जर्जर सड़क को लेकर विरोध का एक अनोखा तरीका अपनाया। कई दशकों से कच्ची और बदहाल सड़क की मार झेल रहे दर्जनों महिला और पुरुषों ने सड़क पर जमे पानी और कीचड़ के बीच उतरकर धान की रोपनी की। ग्रामीणों का कहना है कि समस्या के समाधान के लिए वे अधिकारियों से लेकर जनप्रतिनिधियों तक गुहार लगाकर थक चुके थे, लेकिन कोई सुनवाई न होने पर आक्रोशित होकर उन्हें यह कदम उठाना पड़ा।


स्टेट हाईवे 69 से जुड़ने वाला मुख्य मार्ग गड्ढों में तब्दील

रौना गांव (वार्ड संख्या चार) की यह मुख्य सड़क लगभग एक किलोमीटर से अधिक लंबी है, जो स्टेट हाईवे 69 को जोड़ती है। करीब 400 से 500 परिवारों की आबादी वाला यह गांव लंबे समय से इस उपेक्षा का शिकार है। यह मार्ग कई पड़ोसी गांवों और बाजारों को भी जोड़ता है, जिससे रोजाना सैकड़ों लोग इस पर आवागमन करते हैं। बरसात के दिनों में सड़क बड़े-बड़े गड्ढों और जलजमाव के कारण दलदल में तब्दील हो जाती है, जिससे वाहनों की बात तो दूर, पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है।


स्कूली बच्चों और शवयात्रा तक के लिए बनी आफत

सड़क की इस बदहाली से ग्रामीणों का दैनिक जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। स्थानीय ग्रामीण अंजुमन ने बताया कि कीचड़ और गड्ढों के बीच से होकर बच्चों को स्कूल जाना पड़ता है, जिसमें कई बच्चे गिरकर चोटिल हो चुके हैं। स्थिति इतनी गंभीर है कि गांव में किसी की मृत्यु हो जाने पर शवयात्रा को श्मशान घाट तक ले जाने में भी परिजनों को भारी मशक्कत करनी पड़ती है। आए दिन होने वाले हादसों के कारण ग्रामीण लगातार खौफ के साए में सफर करने को मजबूर हैं।


पूर्व जिला परिषद प्रत्याशी ने सड़क और नाली निर्माण की उठाई मांग

विरोध प्रदर्शन के दौरान पूर्व जिला परिषद प्रत्याशी अवधेश पासवान ने बताया कि रौना गांव की यह समस्या दशकों पुरानी है और जलजमाव के कारण यह सड़क लगातार हादसों का केंद्र बनी हुई है। उन्होंने कहा कि यह मार्ग ग्रामीणों के आवागमन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए इसका स्थाई समाधान होना चाहिए। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की कि सड़क निर्माण के साथ-साथ जल निकासी के लिए पक्की नाली का निर्माण भी जल्द से जल्द कराया जाए।


प्रशासनिक उपेक्षा के खिलाफ ग्रामीणों में भारी आक्रोश

बरसात के दिनों में इस मार्ग पर चार पहिया वाहन के गुजरने पर दुर्घटना होना लगभग तय माना जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार की शिकायतों के बावजूद किसी भी जिम्मेदार अधिकारी ने स्थिति का जायजा तक नहीं लिया। सड़क पर धान रोपकर दर्जनों ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को नींद से जगाने का प्रयास किया है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही पक्की सड़क का निर्माण शुरू नहीं कराया गया, तो वे अपने आंदोलन को और उग्र रूप देंगे।


मनोज की रिपोर्ट