जमीन विवाद पर हिंसक झड़प, बमबाजी और गोलीबारी मामले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 9 गिरफ्तार और एक ने किया आत्मसमर्पण

गयाजी पुलिस ने जमीन विवाद में हुई गोलीबारी मामलले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 9 आरोपियों को धर दबोचा है। वहीं अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है.....

जमीन विवाद पर हिंसक झड़प, बमबाजी और गोलीबारी मामले में पुलिस
जमीन विवाद पर हिंसक झड़प मामले में 9 गिरफ्तार- फोटो : मनोज कुमार

Gayaji : जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां चंदौती थाना क्षेत्र के बालदेव नगर में जमीन विवाद को लेकर हुई हिंसक झड़प, तोड़फोड़, बमबाजी और गोलीबारी के मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस ने अब तक कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक अन्य आरोपी ने न्यायालय के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है।


24 अक्टूबर को दो पक्षों के बीच भड़का था विवाद

प्राप्त जानकारी के अनुसार, गत 24 अक्टूबर 2026 को बालदेव नगर में जमीन के विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच भारी तनाव उत्पन्न हो गया था। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामला शांत कराया था, लेकिन कुछ ही देर बाद विवाद फिर से बढ़ गया। आरोप है कि लगभग 40 से 50 लोगों की भीड़ ने वहां पहुंचकर निर्माण कार्य रोकने और जमकर तोड़फोड़ की। इस दौरान दहशत फैलाने के लिए अंधाधुंध गोलीबारी और बमबाजी किए जाने की भी गंभीर बात सामने आई।


एसआईटी का गठन और पुलिस की ताबड़तोड़ छापेमारी

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके से दो सुतली बम भी बरामद किए। मामले की गंभीरता को देखते हुए गया के वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। एसआईटी ने लगातार छापेमारी कर नामजद आरोपियों की पहचान की और अब तक 9 आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। वहीं, 26 अक्टूबर को एक अन्य आरोपी ने डर से या पुलिस दबिश के कारण अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों में से दो को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।


अन्य आरोपियों की तलाश जारी, पुलिस की लोगों से अपील

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस हिंसक घटना में शामिल अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून हाथ में लेने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही, पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी तरह की भ्रामक खबरों या अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें।


मनोज की रिपोर्ट